भारत की 'मृत अर्थव्यवस्था' वाले बयान पर बुरे फंसे राहुल गांधी, खुद की पार्टी के लोगों ने ही दिखाया आईना
Rahul Gandhi surrounded on India's dead economy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था को 'मृत' बताए जाने वाले बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सहमति जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर कड़ी आलोचना की। गांधी ने आरोप लगाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है। पूरी दुनिया जानती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था एक मृत अर्थव्यवस्था है।
राहुल गांधी ये बयान देकर अपनों के बीच ही बुरी तरह घिर गए हैं। राहुल गांधी की मोदी सरकार की इस आलोचना का वार उल्टा पड़ गया है। उनकी पार्टी के ही कुछ वरिष्ठ सदस्यों और सहयोगियों ने विपरीत रुख अपनाया है और उनके इस बयान पर अहमति जताया है। इसके साथ ही राहुल के ट्रंप के बयान पर दी गई प्रतिक्रिया पर भाजपा गुस्से से भर उठी है। भाजपा ने राहुल गांधी के इस रवैये को "शर्मनाक" करार दिया है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने भारत से निर्यात होने वाले सामानों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 25% टैरिफ पर प्रधानमंत्री से सवाल उठाया। जब उनसे ट्रंप के 'मृत अर्थव्यवस्था' वाले बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो गांधी ने कहा, "हाँ, वह सही हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर बाकी सब यह जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था 'मृत' है। मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक तथ्य बताया है।"
गांधी ने आगे कहा, "पूरा विश्व जानता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत है। भाजपा ने अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए अर्थव्यवस्था को खत्म कर दिया है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने भारत की आर्थिक, रक्षा और विदेश नीति को तबाह कर दिया है।
शशि थरूर ने क्या कहा?
वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी के स्टैंड से अलग राय रखते हुए कहा, "भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता 'चुनौतीपूर्ण' है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका अपनी मांगें मनवाने में अनुचित है, तो भारत को अन्य बाजारों की ओर देखना चाहिए। थरूर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत पूरी तरह से निर्यात पर निर्भर नहीं है और उसका घरेलू बाज़ार मजबूत है।"
अपने एक लेख में थरूर ने ट्रंप की टिप्पणियों को भारत की व्यापार और विदेश नीति के प्रति एक 'लेन-देन' वाला और सरलीकृत दृष्टिकोण बताया, जहाँ व्यापार घाटे को व्यक्तिगत अपमान माना जाता है।
राजीव शुक्ला ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने ट्रंप के बयान को "पूरी तरह से गलत" करार दिया। शुक्ला ने स्पष्ट किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मृत नहीं है। उन्होंने कहा, "जब पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह थे तब आर्थिक सुधार किए गए थे। अटल बिहारी वाजपेयी ने उन सुधारों को आगे बढ़ाया। मनमोहन सिंह ने अपने 10 वर्षों में इसे मजबूत किया। मौजूदा सरकार ने भी इस पर काम किया है। हमारी आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी कमजोर नहीं है।"
प्रियंका चतुर्वेदी ने क्या कहा?
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के अहंकार की आलोचना की और कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा, "यह कहने की आवश्यकता नहीं है, विश्वसनीय डेटा उपलब्ध है जो बताता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की शीर्ष 5 में है और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसे मृत अर्थव्यवस्था कहना केवल अहंकार या अज्ञानता से ही आ सकता है।"
गुस्से से लाल हुई भाजपा, बोली- वाकई शर्मनाक
भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति को कम आंकने के उनके प्रयास 140 करोड़ भारतीयों का अपमान हैं। मालवीय ने मुद्रास्फीति में 6 साल की गिरावट, जून में ट्रैक्टर बिक्री में 8.7% की वृद्धि जैसे कई आर्थिक संकेतकों का हवाला देते हुए भारत की मजबूत वृद्धि पर प्रकाश डाला।
ट्रंप ने भारत पर लगाया 25% टैरिफ कदम
इससे पहले, बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 अगस्त से भारत से आने वाले सभी सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। साथ ही, रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने पर एक अज्ञात 'जुर्माना' भी लगाने की बात कही थी। ट्रंप ने भारत पर उच्च टैरिफ, कड़े गैर-मौद्रिक व्यापार अवरोधों और रूस के साथ जारी सैन्य तथा ऊर्जा संबंधों को इसका आधार बताया।
ट्रंप के टैरिफ बम पर भारत सरकार ने क्या दिया जवाब?
सरकार ने बुधवार को कहा कि वह 1 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर 25% टैरिफ और जुर्माने के अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के निहितार्थों का अध्ययन कर रही है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया, "सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति के द्विपक्षीय व्यापार पर दिए गए बयान का संज्ञान लिया है। सरकार इसके निहितार्थों का अध्ययन कर रही है।"












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