कौन हैं सैम पित्रोदा, जिनकी वजह से राहुल गांधी को देनी पड़ रही है बार-बार सफाई?

नई दिल्ली। आज एक बार फिर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने दोहराया कि साल 1984 के सिख विरोधी दंगों पर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस अध्यक्ष सैम पित्रोदा की टिप्पणी बिल्कुल गलत है, उन्हें अपनी इस टिप्पणी के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए, बता दें कि राहुल गांधी पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। पंजाब में लोकसभा चरण के सातवें और अंतिम चरण में यानी कि 19 मई को मतदान होगा।

सैम पित्रोदा ने दिया विवादित बयान

सैम पित्रोदा ने दिया विवादित बयान

हालांकि सैम पित्रोदा ने पहले ही अपने इस बयान पर माफी मांग ली है और वो अपनी खराब हिंदी का रोना रो चुके हैं, बावजूद इसके इस मसले पर बार-बार राहुल गांधी को सफाई देनी पड़ रही है, भाजपा ने जहां इसे मुद्दा बना दिया है तो वहीं देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के काफी करीबी रहे सैम पित्रोदा का यह बयान कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। मालूम हो कि सैम पित्रोदा ने पिछले गुरुवार को 1984 सिख दंगो को लेकर कहा कि मोदी जी , आपने पांच साल में क्या किया इसके बारे में बताइये, यह 1984 में हुआ जो हुआ, आपने क्या किया है? हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान के लिए माफी मांगी।

चलिए विस्तार से जानते हैं कि आखिर कौन हैं सैम पित्रोदा और कांग्रेस के लिए वो इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?

प्रारंभिक जीवन

प्रारंभिक जीवन

सैम पित्रोदा का असली नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है। 4 मई 1942 को सैम का जन्म ओडिशा के एक गुजराती परिवार में हुआ था। सैम के पिता बढ़ई का काम करते थे, इनकी शुरुआती शिक्षा गुजरात में हुई इसके बाद इन्होंने फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में मास्टर्स किया है, इन्होंने आगे की पढ़ाई अमेरिका की इलिनॉइस इंस्टीट्‍यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से की है।

भारत में सूचना क्रांति के जनक

सैम को भारत में सूचना क्रांति का जनक कहा जाता है, भारत में मोबाइल क्रांति में भी इनका बड़ा योगदान रहा है, साल 2005 से 2009 तक पित्रोदा भारतीय ज्ञान आयोग के चेयरमैन रह चुके हैं। 1984 में उन्होंने दूरसंचार के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए सी-डॉट यानी 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलिमैटिक्स' की स्थापना की थी, ये राजीव गांधी के काफी करीबी थे, सैम यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के जन सूचना संरचना और नवप्रवर्तन सलाहकार रह चुके हैं।

राजीव के बाद राहुल के बेहद करीबी

राजीव के बाद राहुल के बेहद करीबी

राजीव गांधी के मौत के बाद सैम पित्रोदा राहुल गांधी के भी काफी करीब माने जाते हैं, वो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राजनीतिक सलाह देने का काम भी करते हैं। राहुल की छवि में आए बदलाव का श्रेय भी कांग्रेस के कई नेता पित्रोदा को ही देते हैं।

बालाकोट पर भी दिया था विवादित बयान

बालाकोट पर भी दिया था विवादित बयान

पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाकर भी सैम पित्रोदा ने कांग्रेस को मुश्किल में डाला था, पुलवामा हमले पर सैम ने कहा था कि कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे पाकिस्तान को देना ठीक नहीं है,जिस पर भी सियासी बवाल मचा था और इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान को सफाई देनी पड़ी थी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+