Radhika Yadav Case: ‘तू भी शामिल है क्या?’ राधिका के दोस्त इनाम को सोशल मीडिया यूजर्स ने कॉमेंट में दी गालियां
Radhika Yadav Case: हरियाणा के गुरुग्राम का राधिका यादव हत्याकांड इस वक्त पूरे देश में चर्चा में है। सवाल उठ रहा है कि कोई पिता अपनी औलाद को कैसे मार सकता है? आरोपी पिता दीपक यादव फिलहाल एक दिन की पुलिस रिमांड पर है। उससे पूछताछ चल रही है। हालांकि उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, बावजूद पुलिस इस घटना के दूसरे एंगल पर भी काम कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर राधिका यादव के दोस्त इनाम-उल को लोग भर-भर कर गालियां दे रहे हैं। साथ ही कुछ दूसरे तरफ के असामाजिक तत्व भी राधिका के पिता को काफिर और दूसरे शब्दों के साथ कोस रहे हैं।
कॉमेंट में दे रहे गालियां
राधिका के मामले पर जब एक न्यूज चैनल ने सोशल मीडिया पर खबर लगाई तो कुछ असामाजिक तत्व राधिका, इनाम और राधिका के पिता दीपक यादव को कॉमेंट सेक्शन में गालियां देने लगे। इसमें rameshwardawar58 नाम के यूजर ने राधिका इनाम के लिए जिहादी तत्व जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, साथ ही यही यूजर राधिका के कत्ल में उसके पिता दीपक के पक्ष में बात रखता दिखा।

इनाम-उल को बताया जिहादी
इसके अलावा एक दूसरे यूजर malikdilshad90 ने राधिका को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। उसने बहुत ही घटिया शब्दों का प्रयोग करते हुए इनाम को अब्दुल बताया। vkumawat4230 नाम के एक और यूजर ने इनाम के लिए जिहादी जैसे कहे जो कि बेहद आपत्तिजनक हैं।

इनाम-उल को धर्म के नाम पर कोसा
sandeepchauhan9070 नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर ने इनाम के धर्म से जोड़ते हुए भद्दी टिप्पणी की। साथ ही उसके परिवार के बारे में काफी बुरा भला लिखा जिसे ना हम बता सकते हैं, ना दिखा सकते हैं। parmanandlodha6 नाम के एक अन्य इंस्टाग्राम से इनाम के मजहब से जोड़ते हुए उसे तमाम भला-बुरा कहा गया।
लव जिहाद का रंग देने की कोशिश
jekky_thakur नाम के एक यूजर ने इसे लव-जिहाद का रंग देने की कोशिश करते हुए कहा कि राधिका लव-जिहाद के चक्कर में फंस गई थी, इसलिए उसक पिता ने उसे मार दिया। vikar_ultimate_rider नाम के एक और यूजर ने राधिका के पिता दीपक यादव को काफिर बताते हुए कहा- काफिर ने अपनी बेटी मार दी। जिसे sonam.kushwaha2026 नाम की एक संभावित महिला यूजर ने सही भी बताया।
कॉमेंट सेक्शन में गंदगी
ये बताता है कि देश में चाहे जो भी अपराध हो, समाज में कुछ ऐसे तत्व हर समुदाय में भरे हैं जो किसी भी घटना को धर्म या सामुदायिक हिंसा का रूप देने में चूकते नहीं है। साथ ही इस घटना पर सोशल मीडिया पर आने वाले टिप्पणियां बेलगाम और घटिया हैं जो कि आपराधिक कृत्य के दायरे में भी आती हैं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कॉमेंट में बताएं।












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