सज्जन कुमार की सजा का कैप्टन अमरिंदर ने किया स्वागत, बोले-दंगे में कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की कोई भूमिका नहीं
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 1984 सिख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार पर आए दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारि किए गए बयान में कहा गया है कि स्वतंत्र भारत में सांप्रदायिक हिंसा के सबसे बुरे उदाहरणों में से एक इस घटना के पीड़ितों को न्याय मिला है। इसके साथ-साय कैप्टन अमरिंदर ने अपने पुराने स्टैंड को दोहराते हुए कहा है कि इस दंगे में ना ही कांग्रेस पार्टी और ना ही गांधी परिवार की कोई भूमिका थी। केवल राजनीतिक फायदे के लिए इन लोगों के नाम को घसीटा जा रहा था।

बता दें कि सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में, कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई है, हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दंगा भड़काने और साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराते अपना फैसला सुनाया है। उन्हें 31 दिसंबर तक सरेंडर करना है। हाईकोर्ट ने सजा सुनाने के अलावा सज्जन कुमार पर 5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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निचली अदालत ने कर दिया था सज्जन कुमार को बरी
2013 में दिल्ली कैंट में हुए सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार को संदेह का लाभ मिल गया था और कड़कड़डूमा कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। अदालत ने कहा कि मामले की मुख्य गवाह जगदीश कौर ने जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग के समक्ष सज्जन कुमार का नाम नहीं लिया था। अदालत ने कहा कि वर्ष 1985 में सिख विरोधी दंगा मामलों की जांच के लिए गठित जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग के समक्ष मुख्य गवाह जगदीश कौर ने बयान दिया था। इसमें उसने सज्जन कुमार का नाम नहीं लिया था, जबकि अन्य आरोपियों के नाम लिए थे। बाद में सज्जन कुमार का नाम जोड़ा गया।
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