'सिद्धू पंजाब का भविष्य हैं...' कहकर हरीश रावत ने खोजी अमरिंदर-नवजोत में सुलह की तरकीब
नवजोत सिंह सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच का विवाद सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने एक फॉर्मूला तलाश लिया है...
नई दिल्ली, 15 जुलाई: पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच शुरू हुआ घमासान अब शांत होता हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, खबर है कि दोनों नेताओं के बीच का विवाद सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने एक ऐसा फॉर्मूला तलाश लिया है, जिसपर अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू राजी हो सकते हैं। इस नए फॉर्मूले के तहत अमरिंदर सिंह पंजाब में फिलहाल मुख्यमंत्री बने रहने के साथ-साथ आने वाले विधानसभा चुनाव में सीएम पद का चेहरा होंगे, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद दिया जाएगा।
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पंजाब में होंगे दो कार्यकारी अध्यक्ष
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जल्द विवाद सुलझने की बात कही है। हरीश रावत ने यह भी बताया कि इस बड़े बदलाव के अलावा पंजाब कांग्रेस में दो कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें से एक दलित समुदाय से होगा। माना जा रहा है कि बहुत जल्द इस बारे में औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। गौरतलब है कि सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच विवाद सुलझाने के लिए कांग्रेस ने एक कमेटी का भी गठन किया था।

'सिद्धू पंजाब का भविष्य हैं, ये बात ध्यान में रखें'
हरीश रावत ने आगे बताया, 'अगले 2-3 दिन में इस बारे में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी और कैप्टन अमरिंदर सिंह कह चुके हैं कि वो पार्टी के हर फैसले का पालन करेंगे। पंजाब का विधानसभा चुनाव हम कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ने जा रहे हैं और सिद्धू भी उनके साथ मिलकर काम करेंगे। नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब का भविष्य हैं और कुछ भी कहने या कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए।'

सिद्धू ने की AAP की तारीफ, लगने लगे कयास
आपको बता दें कि पंजाब में 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं और नवजोत सिंह सिद्धू ने इन दिनों सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। विवाद के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस आलाकमान से भी कई दौर की बातचीत कर चुके हैं। वहीं, बुधवार को इस मामले में एक नया मोड़ उस वक्त आ गया, जब नवजोत सिंह सिद्धू ने ट्वीट करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी 'आप' ने हमेशा उनके मुद्दों और विजन को तवज्जो दी है। इस ट्वीट के बाद कयास लगाए जाने लगे कि सिद्धू एक बार फिर पार्टी बदलते हुए आम आदमी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
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