अमृतसर ट्रेन हादसा: रेलवे ने कहा- हमें नहीं दी गई दशहरे की जानकारी, हम जिम्मेदार नहीं
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नई दिल्ली। पंजाब के अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए हादसे में अब तक 60 लोगों की मौत और 70 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। इस हादसे के लिए प्रशासन की लापरवाही के साथ-साथ कांग्रेस को भी जिम्मेदारी ठहराया जा रहा है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने बगैर इजाजत लिए कार्यक्रम का आयोजन कर दिया। इस बीच रेलवे ने इस हादसे से पल्ला से झाड़ लिया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने कहा कि इस हादसे के लिए रेलवे को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रैक पर दो क्रॉसिंग है और दोनों ही बंद थी। लोहानी ने कहा कि यह मुख्य लाइन थी, इसलिए रेल के धीमे होने का सवाल ही नहीं उठता।

लोहानी ने आगे कहा, 'मु्ख्य लाइन के पास दशहरा प्रोग्राम के बारे में रेलवे को जानकारी तक नहीं दी गई थी। लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर दशहर उत्सव देख रहे थे। लोगों को अलर्ट होने की जरुरत थी और इस तरह से रेलवे ट्रैक्स पर ट्रेक्सपास नहीं होना चाहिए।
दशहरा के दिन हुए इस हादसे से पूरा देश स्तब्ध है। सूत्रों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है और जो घायल हुए हैं उनमें से ज्यादातर लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त सैकड़ों लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर रावण देख रहे थे। पटाखों की आवाज और लोगों के शोर शराबे की वजह से किसी ने भी ट्रेन की आवाज को नहीं सुना, जिससे 100 से ज्यादा लोग चपेट में आ गए।
CPRO नॉर्दन रेलवे का कहना है कि, रावण का पुतला गेट से 70-80 मीटर जलाया जा रहा था, जब पुतला गिरा तो वहां मौजूद लोग रेलवे ट्रैक की तरफ भाग गए, उस समय एक ट्रेन गुजर रही थी।
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