लद्दाख में पराक्रम बिहार रेजीमेंट का, हर बिहारी को इस पर है गर्व : PM मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रवासी श्रमिकों के लिए 'गरीब कल्याण रोजगार अभियान' की शुरुआत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम ने अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि लद्दाख में हमारे वीरों ने जो बलिदान दिया है, मैं गौरव के साथ इस बात का जिक्र करना चाहूंगा कि ये पराक्रम बिहार रेजीमेंट का है, हर बिहारी को इसका गर्व होता है। जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं।
Recommended Video


पीएम मोदी ने कहा कि, जिन जिन सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है उन्हें मैं श्रद्धांजलि देता हूं। मैं शहीदों के परिवार को विश्वास दिलाता हूं कि देश आपके साथ है। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए योजना की शुरुआत करते हुए इस कार्यक्रम में शामिल लोगों से कहा, आप श्रमेव जयते, श्रम की पूजा करने वाले लोग हैं, आपको काम चाहिए, रोजगार चाहिए। इस भावना को सर्वोपरि रखते हुए ही सरकार ने इस योजना को बनाया है, इस योजना को इतने कम समय में लागू किया है' सभी श्रमिकों, आप सभी के हुनर की मैपिंग की भी शुरुआत की गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि, ग्राउंड पर काम करने वाले हमारे साथी, ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी वर्कर, आशा वर्कर्स, जीविका दीदी, इन सभी ने बहुत बेहतरीन काम किया है। ये सभी वाहवाही के पात्र हैं, प्रशंसा के पात्र हैं। हमारे देश में भी कई ऐसे लोग हैं जो आपकी पीठ नहीं थपथपाएंगे। कोई पीठ थपथपाए या न थपथपाए, मैं आपकी जय-जयकार करता हूं। आपने अपने हजारों-लाखों लोगों को कोरोना से बचाने का पुण्य किया है। मैं आपको आदरपूर्वक नमन करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 116 जिलों में ये अभियान पूरे जोर-शोर से चलाया जाएगा। कितना ही टैलेंट इन दिनों वापस अपने गांव लौटा है। देश के हर शहर को गति और प्रगति देने वाला श्रम और हुनर जब खगड़िया जैसे ग्रामीण इलाकों में लगेगा, तो इससे बिहार के विकास को भी कितनी गति मिलेगी। गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत आपके गांवों के विकास के लिए, आपको रोजगार देने के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। इस राशि से गांवों में रोजगार के लिए, विकास के कामों के लिए करीब 25 कार्यक्षेत्रों की पहचान की गई।
पीएम मोदी ने कहा कि, आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना से हुई थी। इस योजना पर कुछ ही सप्ताह के भीतर करीब पौने 2 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए। इन तीन महीनों में 80 करोड़ गरीबों तक राशन-दाल पहुंचाने का काम हुआ है। बीते 6 वर्षों से लगातार चल रहे इन सभी प्रयासों का एक ही उद्देश्य है, हमारा गांव, हमारा गरीब अपने दम पर खड़ा हो, सशक्त हो। हमारे किसी गरीब, मजदूर, किसान को किसी के सहारे की ज़रूरत ना पड़े। आप काम पर निकलें, लेकिन मेरा ये अनुरोध है कि ज़रूरी सावधानी भी रखें। मास्क लगाने का, गमछा या चेहरे को कपड़े से ढकने का, स्वच्छता का, और दो गज़ की दूरी के नियम का पालन करना न भूलें। आप सावधानी बरतेंगे तो आपका घर और गांव संक्रमण के खतरे से बचा रहेगा।












Click it and Unblock the Notifications