कौन हैं सज्जन जिंदल जिनकी वजह से एक बार फिर मिलेंगे पीएम मोदी और नवाज!
स्टील टायकून सज्जन जिंदल ने की पाकिस्तान के मुरी में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से सीक्रेट मीटिंग। पाकिस्तान का मीडिया भड़का। सूत्रों के मुताबिक भारत के पीएम मोदी का संदेश लेकर नवाज से मिले सज्जन।
नई दिल्ली। पाकिस्तान में इन दिनों एक भारतीय की एक सीक्रेट मीटिंग की वजह से हड़कंप मचा हुआ है। यह नाम है स्टील टायकून और कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल के बड़े भाई सज्जन जिंदल का और पाक के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ इनकी सीक्रेट मीटिंग ने पाक मीडिया की नींद उड़ा दी है। सज्जन और पीएम नवाज की यह मीटिंग राजधानी इस्लामाबाद से करीब 30 किलोमीटर दूरी हिल स्टेशन मुरी में हुई है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि सज्जन, पीएम मोदी का एक संदेश लेकर पीएम नवाज से मिले हैं। जानिए कौन हैं सज्जन जिंदल और पीएम मोदी और नवाज की मुलाकात में कैसे वह अहम रोल अदा करते आए हैं।

जिंदल स्टील वर्क्स के एमडी
सज्जन जिंदल देश की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी जिंदल स्टील वर्क्स (जेएसडब्लूय) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। वह हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री रहे और देश के मशहूर बिजनेसमैन ओपी जिंदल और सावित्री जिंदल के बेटे हैं। कांग्रेस के पूर्व सांसद रहे नवीन जिंदल उनके सबसे छोटे भाई हैं। जिंदल परिवार, जिसकी संपत्ति फोर्ब्स के मुताबिक करीब 5.1 बिलियन डॉलर की है, अब सावित्री जिंदल की अगुवाई में आगे बढ़ रहा है।

14,700 करोड़ का ग्रुप
बेंगलुरु के एमएस रमैय्या इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल करने वाले सज्जन जिंदल आज जिस ग्रुप के चेयरमैन हैं वह करीब 14,700 करोड़ का है। स्टील इंडस्ट्री के अलावा यह ग्रुप आज एनर्जी सेक्टर जैसे कई अहम सेक्टर्स में भी मौजूद है। सज्जन की पत्नी संगीता जिंदल मेक-ए-विश फाउंडेशन की ट्रस्टी हैं।

पीएम मोदी और नवाज के दोस्त जिंदल
सज्जन जिंदल जहां एक तरफ पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ के दोस्त हैं तो वह भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के भी काफी करीब हैं। कहा जा रहा है कि सज्जन जिंदल ने पीएम मोदी का एक संदेश पाक पीएम नवाज शरीफ को दिया है। दोनों की मुलाकात को काफी सीक्रेट रखा गया था।

जून में पीएम मोदी और नवाज की मुलाकात
पाक मीडिया में इस बात का अनुमान लगाया जा रहा है कि सज्जन जिंदल दरअसल पर्दे के पीछे जारी उस कूटनीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत पाक और भारत के पीएम की मुलाकात कराई जानी है। मीडिया के मुताबिक जून में कजाखिस्तान के अस्टाना में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट होने वाली हैं और इस समिट में दोनों पीएम मुलाकात कर सकते हैं।

क्यों पाकिस्तान में मचा है बवाल
जिंदल और पीएम नवाज की मुलाकात की खबर कुपवाड़ा में हुए आतंकी हमले के बाद आई है। दोनों की मुलाकात बुधवार को पाकिस्तान के हिल स्टेशन मुरी स्थित नवाज के घर पर हुई। पाक मीडिया के मुताबिक जिंदल इस मुलाकात के लिए वीजा नियमों को भी ताक पर रख दिया था। पाकिस्तान मीडिया के मुताबिक जिंदल पाकिस्तान आने के बाद सीधे मुरी चले गए जबकि उनके पास जो वीजा था, वह उन्हें मुरी जाने की इजाजत नहीं देता था।

सिर्फ इस्लामाबाद और लाहौर की मंजूरी
पाक मीडिया का कहना है कि पाकिस्तान-भारत वीजा प्रणाली नागरिकों को दूसरे देश में सफर करते समय कुछ खास इलाकों में जाने की मंजूरी देती है जिसका उल्लेख उनके वीजा में होता है। मीडिया के मुताबिक जिंदल को 25 अप्रैल को पाक का वीजा मिला था जिसमें उन्हें सिर्फ इस्लामाबाद और लाहौर जाने की ही मंजूरी थी।

नवाज की बेटी ने दी सफाई
विवाद बढ़ता देख पाक पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ को आगे आकर सफाई देनी पड़ी। मरियम ने ट्विटर पर लिखा कि जिंदल, पीएम नवाज के काफी अच्छो दोस्त हैं। उनकी मुलाकात व्यक्तिगत थी और इसे बढ़ा-चढ़ाकर न पेश करें। पाक के समा टीवी की मानें तो जिंदल के ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स से साफ है कि जिंदल को लाहौर में पुलिस रिपोर्टिंग से भी छूट मिली हुई थी।

सज्जन की वजह से लाहौर गए थे पीएम मोदी
25 दिसंबर 2015 को जब पीएम मोदी ने अचानक अफगानिस्तान से लाहौर जाने का फैसला किया तो खबरें आई थीं कि यह फैसला सज्जन जिंदल की वजह से लिया गया। सज्जन, पीएम मोदी से पहले ही लाहौर पहुंच चुके थे और ऐसे में इस बात को और बल मिला।

सार्क में मोदी और नवाज की सीक्रेट मीटिंग
वर्ष 2014 में नवाज शरीफ और मोदी की नेपाल के काठमांडू में सार्क सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात हर किसी को याद है। साथ ही यह भी कोई नहीं भूला है कि दोनों नेता सम्मेलन की शुरुआत में एक दूसरे की ओर देख भी नहीं रहे थे। लेकिन इसी सम्मेलन में दोनों नेताओं के बीच एक घंटे की एक सीक्रेट मीटिंग भी हुई थी। सार्क सम्मेलन से अलग हुई इस सीक्रेट मीटिंग पीछे सज्जन जिंदल की कोशिशों को श्रेय दिया गया था।

अचानक हुई थी दोनों की मीटिंग
सीनियर जर्नलिस्ट बरखा दत्त ने हाल ही में अपनी किताब में इस बात का खुलासा किया है। बरखा ने अपनी किताब में लिखा है कि सबके सामने एक-दूसरे से मुंह चुराने वाले पीएम शरीफ और पीएम मोदी को एक व्यक्ति ऐसा मिला जो चीजों के कठिन होने के बावजूद उन्हें एक साथ जोड़कर रख सकता है। दत्त ने अपनी किताब में जिंदल को दोनों नेताओं के बीच एक तरह के अप्रत्यक्ष पुल के तौर पर परिभाषित किया है।
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