25000 होमगार्ड को हटाए जाने पर बोलीं प्रिंयका गांधी- भाजपा सरकार के सिर पर पता नहीं कौन सा फितूर सवार है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जिस तरह से दीवाली से पहले 25000 होमगार्ड को ड्यूटी से हटाए जाने का ऐलान किया गया, उसके बाद सोशल मीडिया से लेकर लगभग हर वर्ग के लोगों ने इस फैसले की आलोचना की। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सरकार के इस फैसले की तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में काम कर रहे 25000 होमगार्डों को दिवाली से कुछ ही दिन पहले नौकरी से निकाल देने का फैसला किया है। प्रदेश की कानून व्यवस्था एकदम खराब है। ऐसे में ज्यादा प्रहरी और पुलिसबल की जरूरत पड़ती है लेकिन भाजपा सरकार के सिर पर पता नहीं कौन सा फितूर सवार है।

सरकार ने लिया यू टर्न
बता दें कि लोगों के भारी विरोध के बीच आखिरकार उत्तर प्रदेश के होम गार्ड मंत्री चेतन चौहान ने बड़ा बयान दिया है। चेतन चौहान ने बताया कि हमे अभी तक इस तरह का कोई आधिकारिक पत्र गृह मंत्रालय की ओर से प्राप्त नहीं हुआ है। चेतन चौहान ने इस बात का भरोसा दिलाया है कि किसी भी होम गार्ड की नौकरी नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
एडीजी ने जारी किया था फैसला
बता दें कि एडीजी पुलिस मुख्यालय बीपी जोगदंड ने आदेश जारी करके इस बात की जानकारी दी थी कि 25000 होमगार्ड्स को ड्यूटी से हटाया जा रहा है। एडीजी द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि 250000 होम गार्ड्स को को पुलिस विभाग में खाली पड़े पदों की जगह तैनात किया गया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 28 अगस्त को हुई बैठक के बाद फैसला लिया गया है कि इन होम गार्ड्स की ड्यूटी को खत्म किया जाए। इस बाबत शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय प्रयागराज की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमे कहा गया है कि इन होमगार्ड्स की तैनाती को तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाता है।
32 फीसदी होमगार्ड्स की संख्या हुई कम
यही नहीं पुलिस थानों पर तैनात 32 फीसदी होमगार्ड्स की संख्या को भी कम करने का फैसला लिया गया है। यानि कुल मिलाकर तकरीबन 40 हजार होमगार्ड्स की नौकरी खत्म हो गई है। साथ ही जिन होमगार्ड्स को 25 दिनों की ड्यूटी मिल रही थी, उन्हें अब 15 दिन की ही ड्यूटी मिलेगी। बता दें कि होमगार्ड्स को पुलिस के सिपाही के समान ही वेतन मिलता है। होमगार्ड्स को एक दिन का भत्ता 500 रुपए दिया जाता था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें भी उनका भत्ता बढ़ाकर 672 रुपए दिया जाने लगा। कोर्ट के फैसले के बाद जिले के बजट पर असर पड़ा था, माना जा रहा है कि इसी वजह से यह फैसला लिया गया है।
15 दिन की ही ड्यूटी मिलेगी
जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल 1.18 लाख होमगार्ड्स के स्वीकृत पद हैं। जिसमे कुल 19 हजार पद खाली पड़े हैं। कुल 99 हजार में से 92 हजार होमगार्ड को हर महीन 25 दिनों की ड्यूटी मिलती थी। लेकिन होमगार्ड के लिए बजट कम होने की वजह से 25 हजार होमगार्ड्स को हटाने का निर्णय लिया गया है। जिन होमगार्ड्स को 25 दिन की ड्यूटी मिलती थी, उन्हें अब रोटेशन के तहत 15 दिन की ही ड्यूटी मिलेगी। यानि तकरीबन 40 हजार होमगार्ड्स की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।












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