VIDEO: पीएम मोदी के साथ फोटो से लेकर जया बच्चन के गुस्से तक, सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने किए बड़े खुलासे
ANI पॉडकास्ट विद स्मिता प्रकाश में शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने राजनीति, संसद के अनुभव, भाषा विवाद, ऑपरेशन सिंदूर और पर्सनल किस्सों पर खुलकर राय रखी। कभी जया बच्चन के किस्से साझा किए, कभी पीएम मोदी से मुलाकात का जिक्र किया और बीच-बीच में मिमिक्री कर पॉडकास्ट को हल्का-फुल्का बना दिया।
प्रियंका ने जया बच्चन को लेकर कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी सीमाओं को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। संसद में उनके "Don't control me" जैसे बयान चर्चा का हिस्सा बने। प्रियंका ने माना कि जया जी ने महिला सांसदों के मुद्दे पूरे दम से उठाए हैं और फोटो व पब्लिक इंटरैक्शन पर उनकी अपनी मर्यादा (boundaries) रही है।

राज्यसभा का अनुभव और निलंबन
बातचीत में प्रियंका ने राज्यसभा के अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे विपक्षी सांसदों को कभी-कभी निलंबन (suspension) जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफ़े पर उन्होंने अपनी राय रखी। साथ ही, राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और भविष्य को लेकर भी उन्होंने उम्मीद जताई।
ट्रोल्स और सोशल मीडिया का सामना
प्रियंका ने कहा कि ट्रोल्स से निपटना अब राजनीति का हिस्सा बन चुका है। उन्हें भी सोशल मीडिया पर अक्सर निशाना बनाया जाता है, लेकिन इसका जवाब वे अपने काम और बेबाकी से देती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और आगे का सफर
प्रियंका ने पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी से हुई मुलाकात का जिक्र किया और कहा कि देशहित के मामलों पर बातचीत हमेशा अहम होती है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि, उन्हें उन लोगों को परेशान करना अच्छा लगता है जो हमेशा इस पर नजर रखते हैं कि वह आगे क्या करने वाली हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि राज्यसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर वह विचार कर रही हैं।
पार्टी बदलने की चर्चा और भाषा विवाद
पॉडकास्ट में यह सवाल भी उठा कि क्या वे पार्टी बदलने जा रही हैं। इस पर प्रियंका ने साफ़ किया कि अफवाहें राजनीति का हिस्सा हैं। इसके अलावा उन्होंने हिंदी-मराठी भाषा विवाद पर भी खुलकर बात की और कहा कि भाषाओं को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर और विपक्ष की भूमिका
प्रियंका ने ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश और देश की राजनीति का अंतर समझाया। उन्होंने कहा- भारत में मैं विपक्ष की आवाज हूं, लेकिन विदेश में मैं राष्ट्र की एम्बैसडर हूं।' उन्होंने यह भी माना कि उनकी पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय रही है।
राहुल गांधी और "वोट चोरी" विवाद
प्रियंका ने राहुल गांधी के "वोट चोरी" और "मैच फिक्सिंग" वाले बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि लोकतंत्र (democracy) पर भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है।
मिमिक्री और हल्के-फुल्के पल
गंभीर चर्चा के बीच प्रियंका ने मिमिक्री कर पॉडकास्ट को हल्का बना दिया। उन्होंने पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो की नकल उतारी और फिर अमिताभ बच्चन का मशहूर डायलॉग- (रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं, नाम है शहंशाह) सुनाया। इसके अलावा उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमिताभ बच्चन से मुलाक़ात के अनुभव भी साझा किए।
महिला सांसदों की साड़ी की कहानियां और शशि थरूर पर टिप्पणी
प्रियंका ने संसद में महिला सांसदों की साड़ियों से जुड़ी मज़ेदार कहानियां सुनाईं। साथ ही जब उनसे पूछा गया कि क्या शशि थरूर पार्टी में साइडलाइन किए जा रहे हैं, तो उन्होंने साफ़ कहा कि थरूर कांग्रेस के अहम नेता हैं। पॉडकास्ट के अंत में दिल्ली और मुंबई के लोगों की आदतों पर हल्की-फुल्की मज़ेदार तुलना हुई, जिस पर प्रियंका ने भी चुटकी ली।
यहां देखें पूरा इंटरव्यू
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