यहां छात्रों से अतिरिक्त 'कोविड फीस' वसूलने पर विचार कर रहे हैं निजी स्कूल

नई दिल्ली। करीब छह महीने से अधिक समय तक स्कूल बंद होने के बाद अब जब स्कूल खुलने जा रहे हैं तो बेंगलुरू के निजी स्कूल्स छात्रों से सेनिटाइजेशन खर्च के नाम पर अभिभावकों पर कोविड फीस नामक एक अतिरिक्त बोझ डालने पर विचार कर रहे हैं। जी हां, यह सच है, क्योंकि कर्नाटक में अनलॉक 4 के तहत आगामी 21 सितंबर से क्लास 9-10 छात्रों के लिए स्कूल परिसर खुलने जा रहे हैं।

school

मंगलवार को केंद्र ने स्कूलों के लिए संचालन प्रक्रियाओं की घोषणा की थी

मंगलवार को केंद्र ने स्कूलों के लिए संचालन प्रक्रियाओं की घोषणा की थी

गौरतलब है केंद्र ने मंगलवार को स्कूलों के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं की घोषणा की थी, जिसमें परिसर की गहरी सफाई शामिल थी ,जहांं कोविद सुविधा, इमारतों की सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग मार्कर, एंट्री गेट सैनिटाइटर स्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि स्कूल सिर्फ क्लास 9 से 12 तक के बच्चों के लिए चरणबद्ध तरीके और स्वैच्छिक आधार पर फिर से खुल सकते हैं।

स्कूलों में छात्रों के लौटने और पर कोरोना से उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी

स्कूलों में छात्रों के लौटने और पर कोरोना से उनकी सुरक्षा बेहद जरूरी

हालांकि कर्नाटक के निजी स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्कूलों में छात्रों के लौटने और उनकी कोरोना से सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि महामारी के बीच स्कूल खोलने से स्कूल के खर्च में वृद्धि होना स्वाभाविक है, क्योंकि स्कूलों के लिए अनिवार्य कोविद प्रोटोकॉल को लागू करने के लिए खर्च बढ़ेगा। इनमें स्कूलों को कुछ घंटों के भीतर साफ और कीटाणुरहित करना शामिल है। इसके अलावा ऐसे क्षेत्र, जो अक्सर कर्मचारियों और छात्रों द्वारा उपयोग में लाई जाती हैं, उन्हें भी सैनिटाइज करना होगा, जिनमें रेलिंग, डेस्क, कुर्सियां और उपकरण शामिल है।

स्कूलों का हाउसकीपिंग का बजट 5 फीसदी बढ़ सकता हैः निजी स्कूल्स

स्कूलों का हाउसकीपिंग का बजट 5 फीसदी बढ़ सकता हैः निजी स्कूल्स

कर्नाटक में इंग्लिश मीडियम प्राथमिक और माध्यमिक अनएडेड स्कूलों का प्रबंधन और निर्देश करने वाली एक प्राइवेट संस्था एसोसिएटेड मैनेजमेंट के महासचिव डी. शशि कुमार ने कहा कि हम अपने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 70 फीसदी अल्कोहल वाले सैनिटाइजर और अच्छे कीटाणुनाशकों का उपयोग करने की योजना बना रहे हैं, जिससे हाउसकीपिंग का बजट 5 फीसदी बढ़ सकता है, लेकिन इससे लंबे समय तक केवल बच्चों को ही फायदा होगा।

कोविद शुल्क से बच्चों को सुरक्षित रखने के स्कूल की योजनाओं पता चलेगा

कोविद शुल्क से बच्चों को सुरक्षित रखने के स्कूल की योजनाओं पता चलेगा

उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों ने कहा कि माता-पिता से अतिरिक्त कोविद शुल्क 'वसूलने से उन्हें उनके बच्चों को सुरक्षित रखने के स्कूल की संपूर्ण योजनाओं के बारे में पता चलेगा। चूंकि यह एक वास्तविक खर्च है, क्योंकि हाउसकीपिंग के काम को बढ़ाया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में थर्मल स्कैनर, कीटाणुनाशक और आवश्यक बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। अतिरिक्त कोविड फीस वसूलने की योजना पर टिप्पणी के लिए द प्रिंट ने कर्नाटक के शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों की फीस का भुगतान नहीं किया गया

वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों की फीस का भुगतान नहीं किया गया

दरअसल, पिछले कुछ महीनों में स्कूलों ने शिकायत की थी कि वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए कई छात्रों की फीस का भुगतान नहीं किया गया था, जिससे उन्हें लगता है कि कोविड फीस के रूप में एक अतिरिक्त शुल्क जमा करने में अभिभावकों को समस्या हो सकती है, क्योंकि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण कई माता-पिता को वेतन में कटौती का सामना करना पड़ा अथवा उनकी नौकरी चली गई। परिणाम स्वरूप ऐसे अभिभावकों के बच्चों स्कूल फीस डिफ़ॉल्ट हो गया। स्कूल प्रबंधन की योजना है कि अभिभावकों के साथ प्रस्तावित 'कोविद फीस' पर विचार के साथ उन्हें बोर्ड पर लाने की योजना बनाई जाए।

लागत बढ़ने वाली है, लेकिन हम अभिभावकों के साथ बातचीत कर रहे हैं

लागत बढ़ने वाली है, लेकिन हम अभिभावकों के साथ बातचीत कर रहे हैं

दिल्ली पब्लिक स्कूल, बेंगलुरू में प्रबंधन बोर्ड के सदस्य के मंसूर अली खान ने कहा कि स्कूलों का दोबारा खुलना एक बड़ी विषय है और हमें वहां पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। हम सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने के लिए एजेंसियों के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हमारा मानना ​​है कि स्कूलों का रखरखाव पर सीधा नियंत्रण होना चाहिए। लागत बढ़ने वाली है, लेकिन हम अभिभावकों को बोर्ड पर लाने के लिए हम उनके साथ बातचीत कर रहे हैं।

माता-पिता अभी भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहते हैं

माता-पिता अभी भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहते हैं

हालांकि केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद कुछ माता-पिता अभी भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहते हैं। क्लास 9 छात्र की 41 वर्षीय मां मानसी पुरोहित ने कहती हैं कि भले ही केंद्र ने घोषणा कर दी है कि स्कूल फिर से खुल सकते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा चिंता बनी हुई है।

बेटे को स्कूल भेजने से पहले वैक्सीन का इंतजार करूंगी: अभिभावक

बेटे को स्कूल भेजने से पहले वैक्सीन का इंतजार करूंगी: अभिभावक

बकौल पुरोहित, मैं अपने बेटे को स्कूल भेजने से पहले वैक्सीन उपलब्ध होने का इंतजार करूंगी। फिलहाल, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 44 लाख से अधिक हो गई है और पिछले 24 घंटों में देश में कोविद -19 के 95,735 नए मामले दर्ज किए हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+