Army Day: राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री ने सेना को दी बधाई, Video में आर्मी ने दिखाया अपनी ताकत का नमूना
नई दिल्ली, 15 जनवरी। भारत की थल सेना यानी हमारी इंडियन आर्मी आज (शनिवार) 74वां सेना दिवस (आर्मी डे 2022) मना रही है। पूरे देश ने इस मौके पर अपनी जांबाज और शौर्यवान सेना को बधाई दी और उनके जश्न में शरीक हुआ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी थल सेना को आर्मी डे की बधाई दी है। वहीं, इंडियन आर्मी ने इस मौके पर एक वीडियो जारी कर दुश्मनों को अपने शौर्य और दमखम से परिचय कराया है। वीडियो देखकर आपको भी सेना पर गर्व होगा और सीना फक्र से चौड़ा हो जाएगा।
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प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
सेना के साथ आज पूरा देश 74वां सेना दिवस मना रहा है। भारतीय जवानों को इस दिन की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'साहसी सैनिकों, सम्मानित दिग्गजों और उनके परिवारों को सेना दिवस की बधाई। भारतीय सेना अपनी बहादुरी और व्यावसायिकता के लिए जानी जाती है। हमारे शब्द, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भारतीय सेना के अमूल्य योगदान के साथ न्याय नहीं कर सकते।'

राष्ट्रपति कोविंद ने थपथपाई पीठ
वहीं, देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर भारतीय सेना को आर्मी डे की बधाई दी। राष्ट्रपति ने लिखा, 'सेना के जवानों और पूर्व सैनिकों को सेना दिवस की बधाई। भारतीय सेना राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण रही है। हमारे सैनिकों ने सीमाओं की रक्षा और शांति बनाए रखने में व्यावसायिकता, बलिदान और वीरता का प्रदर्शन किया है। राष्ट्र आपकी सेवा के लिए आभारी है। जय हिन्द!'

सेना ने दिखाया अपनी ताकत का नमूना
'सेना दिवस' पर शनिवार की सुबह दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर.चौधरी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर.हरि कुमार ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद करियप्पा परेड ग्राउंड में एक परेड का आयोजन किया गया। बैंड-बाजों और कदम से कदम मिलाते सौनिकों ने सेना दिवस मनाया। इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने करियप्पा परेड ग्राउंड में परेड का निरीक्षण किया। सेना ने परेड का एक वीडियो भी जारी किया है।

क्यों मनाया जाता है आर्मी डे?
15 जनवरी को आर्मी डे इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन 15 जनवरी 1949 भारतीय सेना पूरी तरह ब्रिटिश थल सेना से मुक्त हो गया था। जिसके बाद पहली बार लेफ्टिनेंट जनरल केएम करिअप्पा पहले भारतीय के तौर पर कमांडर इन चीफ बने थे। करिअप्पा आजाद भारत के पहले सेना प्रमुख थे। केएम करिअप्पा को ''किप्पर'' नाम से भी बुलाया जाता है।
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