Premanand Maharaj की पदयात्रा का बदला मार्ग! अब इस रास्ते पर हो सकेंगे प्रेमानंद महाराज के दर्शन
Premanand Ji Maharaj Padyatra Route: संत प्रेमानंद महाराज ने स्वास्थ्य कारणों से लगी अस्थाई रोक के बाद, आखिरकार अपनी पदयात्रा को उसके पुराने और प्रतिष्ठित मार्ग पर फिर से शुरू कर दिया है। पिछले दो हफ्तों से महाराज केवल आश्रम के आसपास ही छोटी यात्रा कर रहे थे, जिससे भक्तगण उनकी एक झलक पाने को तरस रहे थे।
गुरुवार की देर रात करीब 3 बजे जैसे ही महाराज अपने परिकर के साथ इस लंबे और नियमित रूट पर निकले, डेढ़ किलोमीटर के पूरे रास्ते पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा और सड़कों के दोनों ओर सिर्फ भक्त ही भक्त दिखाई दिए।

स्वास्थ्य कारणों के दौरान कहां तक सीमित थी यात्रा?
स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं और आवश्यकताओं के चलते संत प्रेमानंद महाराज ने पिछले 12 दिनों से अपनी नियमित पदयात्रा को काफी सीमित कर दिया था। इस दौरान वे केवल आश्रम के आसपास ही परिक्रमा कर रहे थे। भक्तों की भारी भीड़ आश्रम के पास जमा हो रही थी, लेकिन स्थान के अभाव में सभी श्रद्धालु सही ढंग से महाराज के दर्शन नहीं कर पा रहे थे, जिससे भक्तों में निराशा थी।
अब कहां से कहां तक हो रही है भव्य पदयात्रा?
अब जब महाराज ने अपनी पदयात्रा फिर से शुरू की है, तो उन्होंने अपने पुराने मार्ग को अपनाया है। पहले यह पदयात्रा श्री कृष्णम शरणम सोसाइटी से शुरू होकर केलि कुंज आश्रम तक जाती थी। एक बार फिर, गुरुवार की देर रात करीब 3 बजे, संत प्रेमानंद महाराज प्रेम मंदिर के पीछे स्थित सुनरख तिराहा पर अपने परिकर के साथ पहुंचे और यहां से उन्होंने करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अपने केलि कुञ्ज आश्रम के लिए पदयात्रा शुरू की।
भक्तों में इस बदलाव को लेकर जबरदस्त उत्साह छा गया। भक्तों ने पूरे मार्ग पर फूलों की रंगोली सजाई और राधा नाम संकीर्तन करते हुए भक्ति और उल्लास के साथ महाराज का स्वागत किया, जिससे पदयात्रा का पूरा रास्ता आस्था में डूब गया।
प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को दिया जीवन का सबसे बड़ा मंत्र
इस बीच महाराज का एक संदेश भी काफी वायरल हो रहा, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि 'मैं अगर कल मर जाऊं तो तुम आजीवन हमारी वाणी के अनुसार चलना, धर्मपूर्वक चलना। कभी धर्म से विरुद्ध मत चलना। कभी किसी वैभव (धन और संपत्ति का मोह) के गुलाम मत बनना, किसी के भी गुलाम मत बनना केवल श्रीजी की गुलामी करना।' महाराज के इस संदेश में मृत्यु को स्वीकार कर, बाहरी संसार की गुलामी त्यागने और केवल धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान है, जो हर भक्त के लिए सबसे बड़ा 'जीवन मंत्र' है।
Premanand Maharaj Health News: प्रेमानंद महाराज की तबीयत कैसी है अब?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का चेहरा सूजा हुआ और लाल दिखाई दे रहा था, जिससे भक्तों में चिंता फैल गई। इसके बाद श्री हित राधा केलि कुंज परिकर श्रीधाम वृंदावन ने एक औपचारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज स्वस्थ हैं और अपनी दिनचर्या जारी रख रहे हैं।
Who is Premananda Maharaj? प्रेमानंद महाराज कौन हैं?
कानपुर के सरसौल ब्लॉक में अनिरुद्ध कुमार पांडे के रूप में जन्मे प्रेमानंद महाराज ने अपने दादा के पदचिन्हों पर चलते हुए 13 साल की उम्र में ही संन्यासी बनकर घर छोड़ दिया था। 'शरणगति मंत्र' प्राप्त करने के बाद राधावल्लभ संप्रदाय में दीक्षित होकर, वे दुनिया भर में सबसे अधिक अनुयायी आध्यात्मिक गुरुओं में से एक बन गए हैं।
विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, ग्रेट खली, हेमा मालिनी और मोहन भागवत जैसी प्रमुख हस्तियां उनके वृंदावन आश्रम में उनसे मिलने आ चुकी हैं। भक्तगण उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि संत डॉक्टर्स की देखभाल में हैं और उनकी हालत स्थिर है।












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