'तरूण तेजपाल के ऊपर लगे आरोप दुष्कर्म की श्रेणी में'
भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और समाज सेविका किरण बेदी ने कहा, "कानून की दृष्टि से इस मामले में दो तरह के कदम उठाए जा सकते हैं, पहला तो यह कि तहलका की यौन उत्पीड़न समिति के सामने यह मामला रखा जाए, यदि तहलका में ऐसी कोई समिति है तो ! और मामले की विस्तृत जांच हो। दूसरा यह कि पुलिस अपने विवेक के आधार पर संज्ञान ले और मामले की पूरी छानबीन करे, उस स्थिति में भी यदि पीड़िता प्राथमिकी दर्ज करने को तैयार न हो।"
गौरतलब है कि तहलका के मुख्य संपादक तरूण तेजपाल के ऊपर महिला पत्रकार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि गोवा में नशे की हालत में तरूण तेजपाल ने उसके यौन शोषण किया। जिसके बाद से पूरे मीडिया जगत में यह खबर आग की तरह फैल गयी है।
तरूण तेजपाल भारतीय पत्रकारिता का एक बहुत बड़ा नाम है। हालांकि तरूण तेजपाल ने यौन शोषण वाली बात मानकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन फिर भी तेजपाल को लेकर विरोध जारी है। सामाजिक कार्यकर्ताओ का कहना है कि तरुण तेजपाल भगवान नहीं हैं, जो खुद अपनी करनी की सजा तय करेंगे।"
वर्ष 2001 में तहलका के स्टिंग आपरेशन से शर्मिदगी का सामना कर चुकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि छेड़खानी करना नई परिभाषा के तहत कानून के तहत दुष्कर्म की श्रेणी में आता है।
एक संवाददाता सम्मेलन में भाजपा की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने कहा, "आज की संशोधित परिभाषा के अनुसार तरुण तेजपाल का काम दुष्कर्म की श्रेणी में आता है।"उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दोनों से ही इस मामले की जांच करने की मांग की।













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