पीएम मोदी बोले- भारत में बौद्ध साहित्य और शास्त्रों के पुस्तकालय बनाने से होगी प्रसन्नता
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 21 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 6वें भारत-जापान संवाद सम्मेलन को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने विश्व को भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाने का संदेश दिया। भारत-जापान संवाद सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि इस मंच ने भगवान बुद्ध के विचारों और आदर्शों को खासकर युवाओं में बढ़ावा देने के लिए बहुत काम किया है। ऐतिहासिक रूप से भारत से दुनिया के कई हिस्सों में फैली बुद्ध के संदेश की रोशनी है। बता दें कि आज भारत-जापान सम्मेलन के बाद पीएम मोदी शाम 4.30 बजे वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक के साथ भी डिजिटल सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

पीएम मोदी के भाषण की महत्वपूर्ण बातें
- मैं भारत-जापान संवाद को निरंतर समर्थन के लिए जापान सरकार को धन्यवाद देना चाहूंगा: पीएम मोदी
- बौद्ध साहित्य और दर्शन का महान खजाना कई देशों और भाषाओं में विभिन्न मठों में पाया जा सकता है। वह मानव जाति का खजाना है: पीएम मोदी
- ऐतिहासिक रूप से बुद्ध के संदेशों की रोशनी भारत से दुनिया के कई हिस्सों में फैली। हालांकि ये रोशनी स्थिर नहीं रही, सदियों से हर नए स्थान जहां बुद्ध के विचार पहुंचे वो विकसित होते रहे: भारत-जापान संवाद सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- आज मैं पारंपरिक बौद्ध साहित्य और शास्त्रों के एक पुस्तकालय का निर्माण प्रस्तावित करना चाहूंगा। हमें भारत में इस तरह की फैसिलिटी बनाने में खुशी होगी और हम इसके लिए उपयुक्त संसाधन उपलब्ध कराएंगे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- अपने भाषण में पीएम मोदी ने बौद्ध साहित्य और शास्त्रों के पुस्तकालय के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी बौद्ध साहित्य और शास्त्रों के पुस्तकालय के निर्माण प्रस्ताव करना चाहता हूं, भारत में इस तरह की सुविधा बनाने से हमें प्रसन्नता होगी। यह पुस्तकाल नुसंधान और संवाद के लिए एक मंच भी होगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि इससे मनुष्य, समाज और प्रकृति के बीच भी अच्छा संदेश जाएगा।
- बौद्ध साहित्य और दर्शन का महान खजाना कई देशों और भाषाओं में विभिन्न मठों में पाया जा सकता है। लेखन का यह निकाय मानव जाति का खजाना है: पीएम मोदी
- संवाद ऐसा होना चाहिए जो हमारे पूरे ग्रह में सकारात्मकता, एकता और करुणा की भावना फैलाए। वह भी ऐसे समय में जब हमें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। यह सम्वेद मानव इतिहास के एक महत्वपूर्ण क्षण में हो रहा है। हमारे कार्य आज आने वाले समय में प्रवचन को आकार देंगे: पीएम मोदी
- यह दशक उज्ज्वल युवा दिमाग के पोषण के बारे में होगा, जो आने वाले समय में मानवता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। लर्निंग ऐसी होनी चाहिए जो इनोवेशन करे। आखिरकार, नवाचार मानव सशक्तिकरण की आधारशिला है: पीएम नरेंद्र मोदी
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