Bhagat Singh 114 Birth anniversary: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को दी श्रद्धांजलि
Bhagat Singh 114 Birth anniversary: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को दी श्रद्धांजलि
नई दिल्ली, 28 सिसंबर: भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की आज मंगलवार (28 सितंबर) को 114वीं जयंती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, 'आजादी के महान सेनानी शहीद भगत सिंह को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। वह हर भारतीय के दिल में रहते हैं। उनके साहसी बलिदान ने अनगिनत लोगों के बीच देशभक्ति की चिंगारी जलाई। मैं उनकी जयंती पर उन्हें नमन करता हूं और उनके महान आदर्शों को याद करता हूं।"

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वहीं अमित शाह ने भी भगत सिंह की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। अमित शाह ने ट्वीट किया, ''भगत सिंह जी को अपने प्राणों से ज्यादा देश की स्वतंत्रता और सम्मान प्यारा था। वो अल्पायु में ही अपने साहस व क्रांतिकारी विचारों से न सिर्फ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के सर्वोच्च प्रतीक बने बल्कि उनके राष्ट्रप्रेम ने पूरे देश को एक किया। ऐसे महान देशभक्त की जयंती पर उन्हें चरण वंदन।''
आजादी के महान सेनानी शहीद भगत सिंह को उनकी जन्म-जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
— Narendra Modi (@narendramodi) September 28, 2021
The brave Bhagat Singh lives in the heart of every Indian. His courageous sacrifice ignited the spark of patriotism among countless people. I bow to him on his Jayanti and recall his noble ideals. pic.twitter.com/oN1tWvCg5u
इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी( भाजपा), आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस पार्टी ने भी महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की 114वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार (27 सितंबर) को दिल्ली विधानसभा में भगत सिंह को पुष्पांजलि अर्पित की। सीएम केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार भगत सिंह के मूल्यों को कायम रखेगी।
जानिए भगत सिंह के बारे में?
भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 में फैसलाबाद जिले के बंगा गांव (जिसे पहले लायलपुर कहा जाता था) में हुआ था, जो अब पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। भगत सिंह एक भारतीय समाजवादी क्रांतिकारी थे। जिन्होंने भारत में अंग्रेजों के खिलाफ विरोध किया और महज 23 साल की उम्र में उन्हें ब्रिटिश शासकों द्वारा फांसी दी गई। भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को शिवराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर के साथ लाहौर जेल में फांसी दी गई थी। भगत सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का लोक नायक थे।












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