PM बनने के बाद मोदी का पहला इंटरव्यू,कहा जवान जिस भाषा में चाहे पाक को जवाब दें
नयी दिल्ली। केंद्र के मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर विकास पर्व मना रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार भारतीय मीडिया को अपना पहला इंटरव्यू दिया है। पीएम बनने के बाद ये मोदी की भारतीय मीडिया का पहला इंटरव्यू है। पीएम मोदी ने अंग्रेजी टीवी न्यूज चैनल 'टाइम्स नाउ' के एडिटर इन चीफ अर्नव गोस्वामी के साथ बातचीत की।
इस इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी ने पाकिस्तान से लेकर स्वामी तक को खरी-खरी सुनाई। पीएम ने भारत की विदेश नीति, एनएसजी और पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर खुलकर बात की। पढ़ें इंटरव्यू के मुख्य अंश...
- पीएम ने कहा कि वलरघुराम राजन कम देशभक्त नहीं हैं।
- वो जहां जाएंगे वहां देश के लिए काम करेंगे।
- पीएम ने कहा कि दाल के दामों पर काबू पाने की सरकार की पूरी कोशिश कर रही है।
- महंगाई जिस गति से बढ़ रही थी, उसे रोकने में सरकार कुछ हद तक सफल हुई है।
- जितने ज्यादा लोगों को रोजगार देंगे, उतना ही आपको फायदा होगा।
- पीएम ने कहा कि देश की योजनाओं से जो बदलाव हो रहा है, उससे गरीबों के जीवन-स्तर में सुधार हो रहा है।
- उन्होंने कहा कि सरकार की सारी योजनाओं से गरीब को लगता है कि वह देश की आर्थिक व्यवस्था का हिस्सा है।
- मोदी ने कहा कि मेरे लिए विकास का मतलब है कि इसका लाभ गरीब को कैसे मिलता है। गरीब इतना ताकतवर बने कि गरीबों को परास्त करने की उसमें हिम्मत आ जाए।
- मोदी ने कहा कि दुनिया को अब मुझे समझाना नहीं पड़ रहा है कि भारत की भूमिका क्या है और पाकिस्तान को जवाब देने में मुश्किल हो रही है।
- पाकिस्तान के साथ लक्ष्मण रेखा का फैसला सरकारों के साथ बदलता रहेगा, इसलिए भारत को हर पल सतर्क रहना होगा।
- मेरे देश के जवानों को पूरी छूट है। वे जिस भाषा में जवाब देना है, देते रहते हैं और देते रहेंगे।
- पीएम ने कहा कि आतंकवादियों पर दबाव बढ़ा है, इस निराशा के कारण वे लगातार हमले कर रहे हैं और हमारे जवान उनका कड़ा मुकाबला कर रहे हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से अपील की कि भारत की हर चीज को पाकिस्तान के संदर्भ में देखना बंद करें।
- NSG के मामले में ज्यादा सफल होने की वजह से देश में सरकार की आलोचना हो रही है।
- मोदी ने कहा कि संसद से हंसी-मजाक गायब हो गया है, यह चिंता का विषय है।
- चीन के साथ भारत की कई समस्याएं हैं, जिन्हें धीरे-धीरे हल करने का प्रयास चल रहा है। वैचारिक भिन्नता स्वाभाविक है।
- वह एक वक्त था, जब हम समंदर के किनारे लहरें गिना करते थे। लेकिन अब वक्त आ गया है कि हम पतवार लेकर खुद उतरें।
- दुनिया देश के मुखिया को जानना चाहती है लेकिन मोदी को कोई जानता नहीं था। इसलिए बतौर प्रधानमंत्री मुझे विदेश नीति के संबंध में प्रो-ऐक्टिव होना पड़ा।
- विदेश नीति पर पीएम मोदी ने कहा कति पिछले 30 सालों तक देश में अस्थिर सरकारें थीं। लेकिन देश की जनता का धन्यवाद कि उन्होंने हमें बहुमत दिया। इसका असर दुनिया के नजरिए पर होता है।
- पीएम ने जब मैंने प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला तो देश निराशा में डूबा हुआ था, जिसे हमने चुनौती की तरह लिया।
- पीएम ने कहा कि सांसद बनने के बाद पहली बार देखा सेंट्रल हॉल।
- इतिहास में भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा किसी निजी चैनल को इंटरव्यू देने पर मोदी ने कहा कि मीडिया जगत इतना बढ़ चुका है कि सभी को इससे जुड़ना ही पड़ता है।
- इंटरव्यू की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी लोगों का अभिवादन किया।












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