पीएम मोदी बोले- बच्चों को किताबों के बोझ से मुक्त कर उन्हें इनोवेटिव और मेधावी बनाना होगा
दिल्ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की शुरूआत की तीसरी वर्षगांठ पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि हमें भविष्य पर नजर रखनी होगाी। भविष्यवादी मानसिकता से सभी को सोचना होगा। हमें अपने बच्चों को इनोवेटिव और मेधावी बनाना होगा।

पीएम मोदी ने आगे कहा बच्चों को किताबों के बोझ से मुक्त करना होगा। इसके साथ उन्होंने कहा मैं शिक्षकों, अभिभावकों , सभी से ये ही कहना चाहता हूं कि बच्चों को हमें स्वतंत्र उड़ान भरने का मौका देना चाहिए।
हमें उनके अंदर आत्मविश्वास भरना है ताकि वो हमेशा कुछ नया सीखने और कुछ नया करने के लिए सक्षम बने । उन्होंने कहा शिक्षा में देश का भाग्य बदलने की सबसे बड़ी ताकत, युग बदलने वाले परिवर्तन समय लेते हैं।
पीएम मोदी नेआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बात करते हुए कहा कि जिसे अभी विज्ञान और कल्पना में रखा गया है, अब हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है।
उन्होंने कहा ड्रान टेक्टनोलॉजली ने दस्तक दी है, हमें लीक से हटकर सोचना होगा और अपने बच्चों को इसके लिए तैयार करना होगा, वर्तमान समय में ये जरूरी हो चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि तीन साल पहले लागू की गई नई शिक्षा नीति के बारे में अब सब अच्छी तरह से जानते हैं। ये राष्ट्रीय शिक्षा नीति पारंपरिक ज्ञान प्रणाली से लेकर भविष्य की तकनीक सबकुछ कवर करती है,ये शिक्षा के दोनों पहलुओं को समान महत्व देती है। वर्तमान समय में लोग इसके बारे में जातने हैं 10+2 शिक्षा प्रणाली की जगह 5+3+3+4 की शिक्षा प्रणाली है। उन्हें ये एहसास हो चुका है कि इससे शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा दुनिया आज ये जातन है कि सॉफ्टवेयर टेक्नालाजी की बात आएगी तो भविष्य भारत का है और जब स्पेस टेक की बात होगा तो भी भारत की क्षमता का मुकाबला करना किसी भी देश के लिए आसान नहीं होगी। इसके आलवा पीएम ने डिफेंस टेक्नालजी के 'लो कॉस्ट' और 'बेस्ट क्वालिटी' का मॉडल ही हिट होने का उदाहरएात दिया
उन्होंने कहा भारत की पहचान और परम्पराओं में भी दुनिया की दिलचस्पी बढ़ रही है, हमें इस चेंज को विश्व की अपेक्षा के तौर पर लाना होगा।
उन्होंने कहापीएम मोदी ने कहा जब युग बदलने वाले परिवर्तन होता तो उसमें एक समय लगता है, तीन साल पहले जब हमने नई शिक्षा नीति की घोषणा की थी तब एक बड़ा कार्य क्षेत्र हमारे सामने था लेकिन सभी ने NEP को लागू करने में समर्पण दिखाया और नए प्रयोगों को करने का साहस दिखास ये वाकई में तारीफ करने योग्य और नया विश्वास पैदा करने वाला है।Opinion Poll: अभी लोकसभा चुनाव हुए तो कर्नाटक में भाजपा को कितनी मिलेगी सीटें, क्या बदलेगी तस्वीर












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