रेलवे में 100 फीसदी विद्युतीकरण पर पीएम मोदी ने लगाया ब्रेक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय मीटिंग ने भारतीय रेलवे को सुझाव दिया कि वे देश के रेलवे नेटवर्क को 100 प्रतिशत विद्युतीकरण करने के लिए एकतरफा तरीके से जल्दबाजी ना करें। रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में पूर्ण रेलवे बोर्ड की मौजूदगी में प्रधानमंत्री कार्यालय में सोमवार को रेलवे मंत्रालय के काम की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने नीति सुधार का समर्थन किया है।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री का मानना था कि डीजल स्थिर से इन-सर्विस रोलिंग स्टॉक की परिसंपत्तियों से जुड़ी खबरें एक अच्छा विचार नहीं था। भारतीय रेलवे में करीब 5,800 कामकाजी डीजल इंजन हैं। सूत्रों के अनुसार, विद्युतीकरण एक एक लंबा प्रोसेस है और इसकी समय सीमा बजट पर निर्भर करती है। यह प्रोजेक्ट तुरंत शुरू नहीं होता है। डीजल का हमारे पास निश्चित स्टॉक है और इसे बदलने में वक्त लगेगा।
रेलवे ने बैठक में पीएम का संदेश था कि उन्हें राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर में और साधनों पर विद्युतीकरण पर बजट का आवंटन करने में ज्यादा रुचि दिखाई है। मीटिंग में कहा कि विद्युतीकरण योजना वार्षिक लक्ष्य-आधारित होना चाहिए। इसके लिए बजट का आवंटन सालाना प्रतिबिद्धता के बाद ही विद्युतीकरण योजना को उठाया जाना चाहिए।
बता दें कि रेलवे ने पहले ही अपने पूरे नेटवर्क को 2021-22 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाई करने की घोषणा की है।
करने की योजना की घोषणा की है। रेलवे राज्य मंत्री राजेन गोहैन ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा था कि रेल मंत्रालय ने 100 प्रतिशत विद्युतीकरण प्राप्त करने के लिए 38,000 ब्रॉड गेज (बीजी) मार्ग किलोमीटर (आरकेएम) हासिल करने का निर्णय लिया है।
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