पहली बार सुरक्षित हुई आपकी रेलवे, तोड़ा 35 साल पुराना रिकॉर्ड
नई दिल्ली। इंडियन रेलवे ने सेफ्टी के मामले में पहली बार नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले दो सालों में इंडियन रेलवे और सरकार को सेफ्टी के मामले में कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, इस साल के फाइनेंसियल ईयर में पहली बार 100 से भी कम रेल दुर्घटनाएं हुई है, जो कि 35 सालों में पहली बार हुआ है और यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इंडियन एक्सप्रेस की रिकॉर्ड के मुताबिक, इस साल 30 मार्च तक 73 रेल दुर्घटनाएं हुई है, वहीं 2016-2017 के फाइनेंसियल ईयर की तुलना करें तो यह आंकड़ा 104 था। इस बार 29 प्रतिशत रेल दुर्घटनाओं में कमी आई है।

रेलवे बोर्ड चेयरमैन अश्वनी लोहानी के मुताबिक, रेलवे सेफ्टी पर जोर दिया गया है। लोहानी ने साथ में यह भी कहा कि स्वैच्छिक रिपोर्टिंग प्रणाली के अंतर्गत हर रेलवे कर्मचारी को अज्ञात रूप से भारतीय रेलवे की सुरक्षा में किसी भी चूक की रिपोर्ट करने की अनमति दी गई है, जिससे कि दुर्घटना से जल्द से जल्द से बचा जा सके। बता दें कि 1968-1969 में 908 रेलवे दुर्घटनाएं दर्ज की गई थी, लेकिन इससे पहले हर साल इंडियन रेलवे 1,000 से भी ज्यादा दुर्घटनाओं का सामना करता था।
पीयूष गोयल की अगुवाई वाली इंडियन रेलवे का कहना है कि सुरक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के अनुसार, 2018 के बजट में यह घोषणा की गई थी कि सेफ्टी के लिए 2018-2019 में भारतीय रेल को 7,267 करोड़ रुपये का एक विशाल राशि आवंटित की जाएगी। जिसमें मरम्मत, रखरखाव और ट्रैक निरीक्षण पर काम शामिल है।
वहीं, इंडियन रेलवे ने ट्रैक रखरखाव के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करने का निर्णय लिया है, जिसमें 2,726 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत बताई जा रही है। जिसमें इंडियन रेलवे द्वारा अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन सिस्टम, रेल पीस मशीन, गिट्टी विनियमन मशीनों और स्वचालित ट्रैक ज्यामित्री-कम-वीडियो निरीक्षण सिस्टम खरीदे जाएंगे।
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