कौन थे देबाशीष, सौमित्र और आनंद पॉल? बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही परिवारों से मिलने पहुंचे PM हुए भावुक
PM Modi Meets Families of Slain BJP Workers: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। देश की आजादी के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बंगाल में बनी। कभी टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के करीबी रहे सुवेंदु अधिकारी भाजपा विधायक दल नेता चुने गए और शनिवार को उन्होंने पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे। इसके तुरंत बाद पीएम मोदी में बंगाल की राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात की। इन्हीं भाजपा के शहीदों के नाम पर राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक स्मारक भी स्थापित किया गया है।

शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी भाजपा के लिए अपनी जान गंवाने वाले जिन नेताओं के परिवारों से मुलाकात की उनमें दिवंगत देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिवार शामिल थे। पीएम मोदी ने ना केवल उनकी पीड़ा साझा की, बल्कि यह भी संदेश दिया कि पार्टी उनके बलिदान को कभी नहीं भूलेगी।

कौन थे देबाशीष मंडल, दक्षिण 24 परगना की निडर आवाज
देबाशीष मंडल पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निडर और सक्रिय कार्यकार्ता थे। साधारण परिवार से आने वाले देबाशीष मंडल ने दक्षिण 24 परगना जैसे जोखिम भरे क्षेत्र में क्षेत्र में भाजपा का झंडा बुलंद करने में अहम भूमिका निभार्ई मार्च 2020 में उनकी हत्या कर दी गई थी। भाजपा ने आरोप लगाया था कि उनकी हत्या तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े लोगों ने राजनीतिक रंजिश में की। प्रधानमंत्री ने उनकी पत्नी को भरोसा दिलाया कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की पूरी जिम्मेदारी अब नई सरकार व संगठन संभालेगा। इनसे पहले सोनारपुर में एक बीजेपी नेता नारायण विश्वास की निर्मम हत्या कर दी गई थी
कौन थे सौमित्र घोषाल?
भाजपा कार्यकर्ता सौमित्र घोषाल की हुगली जिले में चुनाव से पहले हत्या हुई थी जिसने पूरे बंगाल को स्तब्ध कर दिया था। सौमित्र बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।। किसान परिवार में जन्में सौमित्र की वृद्ध मां और भाई पीएम मोद से जब आज मिले तो सभी भावुक हो गए। भाजपा के लिए अपनी जान गंवाने वाले सौमित्र घोषाल के निधन के बाद उनका परिवार मानसिक और आर्थिक संंकट से जूझ रहा है। पीएम मोदी ने कहा सौमित्र का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनकी स्मृति में इलाके में विकास कार्य कराए जाएंगे।
कौन थे आनंद पॉल?
उत्तरी बंगाल के युवा कार्यकर्ताओं में आनंद पॉल का नाम शामिल था, जिन्होंने सीतलकुची व आसपास के क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत की। राजनीतिक हिंसा के दौरान आनंद की जान चली गई। एक श्रमिक परिवार से आए आनंद के पिता जब पीएम मोदी के बगल जब बैठे तो भावुक हो गए और सिर्फ इतना ही बोले , "हमें न्याय चाहिए।"














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