17 नवंबर को मालदीव जाएंगे पीएम मोदी, राष्ट्रपति सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 नवंबर को मालदीव के लिए रवाना होंगे। मोदी यहां पर मालदीव के नए राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। पीएम मोदी का यह पहला मालदीव दौरा है और राष्ट्रपति सोलिक के खास आग्रह पर मोदी माले जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से मोदी के मालदीव दौरे पर कयास लगाए जा रहे थे लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि शुक्रवार को हुई है। माना जा रहा है पीएम मोदी का यह दौरा भारत और मालदीव के बीच पिछले कुछ समय से आई दूरियों को पाटने का काम करेगा। विदेश मंत्रालय की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है।

साल 2015 में कैंसिल हो गया था दौरा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार की ओर से बताया गया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव के निर्वाचित राष्ट्रपति सोलिह की ओर से शपथ ग्रहण के लिए आए निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है जो 17 नवंबर को होना है।' मोदी के माले पहुंचने से पहले पीएम की एक आधिकारिक टीम वहां पर पहुंच चुकी है। यह टीम यहां पर उनके दौरे से पहले जरूरी तैयारियों को अंजाम देगी। शपथ ग्रहण समारोह माले के नेशनल स्टेडियम में होना है। पिछले दिनों खबरें आई थीं कि विदेश मंत्रालय में ज्वॉइन्ट सेक्रेटरी के पद पर तैनात दिनेश पटनायक जब 24 से 26 अक्टूबर के बीच मालदीव में थे तो उन्हें सोलिह की इच्छा के बारे में बताया गया था। सोलिह चाहते थे कि मोदी उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हों। साल 2015 में पीएम मोदी मालदीव की यात्रा पर जाने वाले थे, लेकिन वहां पर चल रहे राजनीतिक संकट और विरोध प्रदर्शन के कारण उन्हें अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी थी। उस समय मोहम्मद नशीद की गिरफ्तारी के कारण देश में तनाव की स्थिति थी।
सबसे पहले मोदी ने दी थी सोलिह को बधाई
सोलिह ने सितंबर में हुए चुनावों में भारी जीत दर्ज की और नाटकीय घटनाक्रम के बीच उन्होंने अब्दुल्ला यामीन को सत्ता से बाहर कर दिया। मालदीव में अब सत्ता नए राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के हाथ में हैं। यामीन, चीन के काफी बड़े समर्थक हैं और उनकी हार से भारत ने राहत की सांस ली थी।विशेषज्ञों की मानें तो यामीन के जाने के बाद मालदीव और दिल्ली के बीच जो दूरी पिछले कुछ समय से आई थी, वह अब कम हो सकती है। पीएम मोदी, सोलिह को जीत की बधाई देने वाले दुनिया के पहले नेता थे। पीएम मोदी के ऑफिस की तरफ इस बाबत एक बयान भी जारी किया गया था। पीएमओ की ओर से जारी इस बयान में कहा गया था, 'दोनों नेताओं ने भारत और मालदीव के बीच रिश्तों को मजबूत करने के और दोस्तान संबंधों की दिशा में साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया।'












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