PM Kisan: किसानों के लिए खतरे की घंटी! 1.70 लाख लोगों की रुक जाएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त?
Bihar PM Kisan Nidhi Update: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों के लिए एक बेहद जरूरी और चेतावनी भरी खबर सामने आ रही है। बिहार के भागलपुर जिले में करीब 1 लाख 70 हजार से अधिक किसानों की 'फार्मर रजिस्ट्री' की प्रक्रिया अब तक अधूरी है, जिससे उनकी अगली किस्त पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
सरकार ने अब यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि भविष्य में केवल उन्हीं किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि की राशि भेजी जाएगी, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी (e-KYC) का काम शत-प्रतिशत पूरा होगा। वर्तमान में जिले के 2.40 लाख से ज्यादा लाभार्थियों में से केवल 70,744 किसान ही इस प्रक्रिया को पूरा कर पाए हैं।

यदि समय रहते किसानों ने अपनी रजिस्ट्री और जमीन के दस्तावेजों को अपडेट नहीं कराया, तो वे इस सरकारी आर्थिक सहायता से हमेशा के लिए हाथ धो सकते हैं।
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PM Kisan: रजिस्ट्री नहीं तो किस्त नहीं, भागलपुर का हाल
जिले में कुल 2,74,158 किसानों ने इस योजना के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से फिलहाल 2,40,833 किसान नियमित रूप से लाभ ले रहे हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार इनमें से लगभग 1.70 लाख किसानों की अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह डेटा अपडेट होना अनिवार्य है, वरना सिस्टम स्वचालित रूप से इन नामों को ब्लॉक कर देगा।
PM Kisan Nidhi: 33 हजार किसानों पर पहले ही गिरी गाज
जांच के दौरान भागलपुर में 33 हजार से ज्यादा अपात्र किसानों की किस्त पहले ही रोकी जा चुकी है। इन नामों को हटाने की मुख्य वजहें थीं:
- कई किसान सरकारी नौकरी में कार्यरत पाए गए।
- कुछ लाभार्थी इनकम टैक्स भर रहे थे।
- कई मामलों में लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी थी लेकिन पैसा निकाला जा रहा था।
- कुछ लोग राशन कार्ड योजना का गलत लाभ ले रहे थे।
PM Kisan Update: वंशावली के आधार पर लाभ लेने वालों की बढ़ी मुसीबत
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जिले में 50 हजार से ज्यादा किसान केवल वंशावली के आधार पर लाभ ले रहे थे। इन किसानों के पास अपने नाम की जमाबंदी (जमीन का मालिकाना हक) नहीं है। उनकी जमीन अब भी पिता या दादा के नाम पर दर्ज है। नए नियमों के अनुसार, जब तक जमीन किसान के खुद के नाम पर हस्तांतरित नहीं होगी, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा, दो अलग-अलग नामों से लाभ लेने वाले और आधार मिसमैच वाले किसानों पर भी कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
PM Kisan Samman Nidhi: 2 से 7 फरवरी तक 'मेगा कैंप'
प्रशासन ने किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए 2 फरवरी से 7 फरवरी तक एक विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है।
- हर पंचायत में विशेष शिविर लगाए जाएंगे।
- यहां किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक मौके पर ही ई-केवाईसी और फार्मर आईडी बनाएंगे।
- प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो किसान फोन करने पर नहीं मिल रहे या जिनका पता नहीं लग पा रहा, उनकी तलाश गांव-गांव जाकर की जाएगी।
PM Kisan Bihar: प्रशासन की सख्त कार्रवाई
उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह इस पूरे अभियान की खुद निगरानी कर रहे हैं। काम में लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान कागजी कार्रवाई की वजह से इस लाभ से वंचित न रहे।
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