'मेरे खिलाफ प्रतिशोध की भावना से दाखिल हुई हैं याचिकाएं', हाईकोर्ट में बोले राकेश अस्थाना
नई दिल्ली, सितंबर 17। दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल किया। इस हलफनामे में उन्होंने अपनी नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिकाओं को 'व्यक्तिगत प्रतिशोध' बताया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में जो याचिकाएं दाखिल की गई हैं, वो जनहित याचिकाएं नहीं हैं, बल्कि उनके करियर पर विराम लगाने की एक कोशिश है। राकेश अस्थाना ने कहा है कि व्यक्तिगत प्रतिशोध में दाखिल की गई ये याचिकाएं अदालत के मंच का खुले तौर पर दुरुपयोग हैं।

राकेश अस्थाना ने इन संगठनों पर लगाए आरोप
अपने हलफनामे में राकेश अस्थाना ने आगे कहा है कि दो संगठन कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन पेशेवर जनहित याचिकाकर्ता हैं और केवल सार्वजनिक सेवा के एकमात्र तरीके के रूप में मुकदमे दायर करने के लिए मौजूद हैं। राकेश अस्थाना ने अदालत को अवगत कराया कि हाल के दिनों में किसी परोक्ष और अज्ञात कारण से इन दोनों संगठनों को चलाने वाले व्यक्तियों ने कुछ प्रतिशोध से उनके खिलाफ बदले की भावना से ये याचिकाएं दाखिल की हैं।
सीबीआई डायरेक्टर रहते हुए भी दाखिल हुई थी याचिकाएं
राकेश अस्थाना ने ये हलफनामा अधिवक्ता दीक्षा राय और देवांशी सिंह के माध्यम से दायर किया। हलफनामे में उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ इस तरह की प्रतिशोध वाली कार्रवाई सीबीआई में विशेष डायरेक्टर के रूप में नियुक्त होने के बाद से ही हो रही हैं। राकेश अस्थाना के मुताबिक, जब वो सीबीआई के स्पेशल डायरेक्टर थे तो तब भी 2017-18 में उनकी नियुक्ति के खिलाफ चार याचिकाएं दायर हुई थीं। उस वक्त राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
27 जुलाई को कमिश्नर बने थे राकेश अस्थाना
आपको बता दें कि राकेश अस्थाना 27 जुलाई को दिल्ली पुलिस के कमिश्नर पद पर नियुक्त किए गए थे। उनकी नियुक्ति ना सिर्फ हाईकोर्ट तक सीमित रही बल्कि पॉलिटिकल पार्टियों के लिए भी एक मुद्दा बन गई है। अस्थाना की नियुक्ति के खिलाफ लगाई गई याचिकाओं पर अब नवंबर में सुनवाई होगी।












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