4.75 करोड़ Truecaller ऐप यूजर्स का पर्सनल डेटा हुआ लीक, फोन नंबर, शहर, नेटवर्क सब हुआ चोरी
नई दिल्ली। कोरोनावायरस महामारी के बीच दुनियाभर में साइबर क्राइम के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई हैं। ताजा मामला मोबाइल फोन ऐप ट्रू कॉलर (Truecaller) को लेकर है, जिसके जरिए यूजर्स इनकमिंग कॉल की पहचान करता है। ऑनलाइन इंटेलिजेंस फर्म Cyble के मुताबिक हैकर्स ने करीब 4.75 करोड़ इंडियन यूजर्स के ट्रू कॉलर के डेटा लीक किए हैं।

कुछ अन्य रिपोर्ट्स में ऐसा भी दावा किया गया है कि हैकर्स ट्रू कॉलर के लीक किए डेटा को बेच रहा है, जिसेनकरीब 75,000 रुपए में ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं। हालांकि ट्रूकॉलर प्रवक्ता ने जारी एक बयान में ऐसे किसी हैक या डेटा लीक से इनकार किया गया है। ट्रू कॉलर प्रवक्ता कहना है कि डेटा को ट्रू क़ॉलर कंपनी का नाम इस्तेमाल करते हुए बेचा जा रहा है, ताकि वह असली लगे।

Truecaller ने यह भी बताया कि वह किसी उपयोगकर्ता की फोन बुक अपलोड नहीं करता है जो कि एक आम गलत धारणा है। ट्रू कॉलर का डेटाबेस खुद उपयोगकर्ताओं द्वारा दैनिक रूप से तैयार किया जाता है, जो सही नाम और नंबरों को स्पैम के रूप चिह्नित करते हैं। हालांकि ट्रू कॉलर के जवाब के बाद अभी तक खुलासा करने वाली कंपनी Cyble ने प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मामले का खुलासा करने वाली इंटेलिजेंस फर्म Cyble ने एक ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि हमारे रिसर्चर्स को एक बड़े सेलर का पता चला है, जो 475 करोड़ इंडियन ट्रूकॉलर रिकॉर्ड्स बेच रहा है, जिनकी कीमत 1000 डॉलर (करीब 75,000 रुपए) रखी गई है। यह डेटा 2019 का है और इतनी कम कीमत पर करोड़ों यूजर्स का डेटा मिलना हैरान करता है। फर्म की ओर से कहा गया कि बेचे जा रहे डेटा में फोन नंबर, जेंडर, शहर, मोबाइल नेटवर्क का नाम से लेकर फेसबुक आईडी तक शामिल हैं।

गौरतलब है साइबर अपराधियों पर नजर रखने वाली ऑनलाइन खुफिया कंपनी साइबल ने हाल ही में खुलासा किया था कि साइबर अपराधियों ने करीब 3 करोड़ भारतीयों की निजी जानकारियां डार्क वेब पर लीक कर दी हैं। कंपनी के मुताबिक हैकर्स ने नौकरी चाहने वाले लोगों को ऑनलाइन डेटा डार्क वेब पर लीक किया, जिसमें उनके घर का पता और मोबाइल समेत कई निजी जानकारी शामिल हैं। इससे पहले भी कंपनी ने फेसबुक और ऑनलाइन एजुकेशन वेबसाइट अनएकेडेमी पर यूजर्स का डेटा हैक होने की जानकारी दी थी।












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