Pegasus spyware Row: SC में सुनवाई जारी, कोर्ट ने कहा-'अगर खबरें सही हैं तो आरोप बेहद गंभीर हैं'

नई दिल्ली, 05 अगस्त। पेगासस जासूसी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच कर रही है। ये सुनवाई कुल 9 याचिकाओं पर हो रही है जिसमें पत्रकार एनराम और शशिकुमार, सीपीएम के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और वकील एमएल शर्मा की याचिकाएं शामिल हैं। इन सभी नेअपनी याचिकाओं में कहा है कि पत्रकारों और नेताओं की जासूसी कराना बहुत बड़ा अपराध है, ये हमारी स्वतंत्रता पर प्रहार है और इस कारण इस पर तुरंत एक्शन होना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगर खबरें सही हैं तो आरोप बेहद गंभीर हैं लेकिन उसने याचिकाकर्ताओं से भी सवाल किया है कि क्या उनके पास इस जासूसी का कोई पुख्ता सबूत है।

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    याचिका में केंद्र सरकार को भी लेकर सवाल किए गए हैं। याचिका में साफ तौर पर कहा गया है कि अगर केंद्र सरकार का इस जासूसी में रोल है, अगर उसने सरकार या उसकी किसी भी एजेंसी ने पेगासस स्पाइवेयर का लाइसेंस लिया है तो केंद्र इस बारे में अपना पक्ष क्लीयर करे क्योंकि ये अनैतिक है।

    Forbidden Stories और एमनेस्टी इंटरनेशनल का खुलासा

    आपको बता दें कि फ्रांस की संस्था Forbidden Stories और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने खुलासा किया था कि इजरायली कंपनी NSO के स्पाइवेयर पेगासस के जरिए दुनिया भर की सरकारें पत्रकारों, कानूनविदों और नेताओं की जासूसी करा रही हैं और इन सभी के फोन को टैप करवा रही हैं। इस लिस्ट में भारत के भी कई पत्रकार और नेतागण शामिल हैं। इस खुलासे के बाद से ही कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और सभी संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग कर रही हैं।

    सरकार ने दी सफाई

    हालांकि मोदी सरकार की ओर से इसका विरोध किया गया है और कहा गया है कि सरकार ने किसी की भी जासूसी नहीं कराई है।कांग्रेस जानबूझकर इसे मुद्दा बना रही है। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं है और यह तथ्य से दूर और बकवास है।

    मैं किसी से डरता नहीं हूं: राहुल गांधी

    जबकि मोदी सरकार के दावों को झूठा बताने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि उनका फोन टैप किया गया है, इसलिए इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरी निजता का मामला नहीं है बल्कि जनता की आवाज पर आक्रमण है, साथ ही उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है, उन्होंने कहा कि मैं किसी से डरता नहीं हूं, जो चुप बैठ जाऊंगा। अगर सरकार इतनी पाक-साफ है तो संसद में चर्चा कराने से क्यों डर रही है ?

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