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राफेल पर कांग्रेस को एक और बड़ा झटका, कैग और एजी को समन करने के खिलाफ हुई PAC

नई दिल्ली। राफेल मामले में मोदी सरकार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा क्लीन चिट देने के बाद सियासी बवाल मचा हुआ है। अब राफेल सौदे में लोक लेखा समिति (पीएसी) अटर्नी जनरल और कैग को समन नहीं कर सकती है, क्योंकि पीएसी में शामिल विपक्षी दलों के अधिकतर सदस्य समिति के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रस्ताव के पक्ष के खिलाफ हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की एक रिपोर्ट का हवाला दिया था। जिसे पीएसी को सौंपा गया था लेकिन खड़गे के नेतृत्व वाली संसदीय समित के सामने ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं दी गई।

2018-19 के एजेंडे में राफेल डील नहीं

2018-19 के एजेंडे में राफेल डील नहीं

शनिवार को खड़गे ने कहा था कि वह पैनल के सभी सदस्यों से आग्रह करेंगे कि अटर्नी जनरल और कैग को समन कर पूछा जाए कि ताकि वे उनसे पूछ सकें कि सार्वजनिक लेखा परीक्षक की रिपोर्ट संसद में कब पेश की गई थी। अटर्नी जनरल और कैग को को तलब करने संबंधी खड़गे के बयान पर बीजेडी के एमपी भतृहरि महताब ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे पीएसी के अध्यक्ष तौर पर व्यक्तिगत रूप से अटर्नी जनरल और कैग को बुला सकते हैं लेकिन पूरी समिति के समक्ष उन्हें तलब नहीं कर सकते, क्योंकि 2018-19 के एजेंडे में राफेल डील नहीं थी।

सदस्यों के किया इंकार

सदस्यों के किया इंकार

हालांकि उन्होंने इस बात को स्वीकार की, राफेल डील पर कैग की रिपोर्ट को समिति के समक्ष पेश नहीं किया गया है। पीएसी में सबसे लंबे समय तक सदस्य के तौर पर शामिल महताब ने कहा कि निजी तौर पर बुलाने पर दोनों अधिकारियों के बयान रिकॉर्ड नहीं किए जा सकते है। इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए टीडीपी के सांसद सीएम रमेश ने कहा कि अगर सदस्य चाहें तो समिति अटर्नी जनरल और कैग को बुला सकती है लेकिन संसद में रिपोर्ट पेश होने के बाद।

पीएसी में अधिकतर बीजेपी के सदस्य

पीएसी में अधिकतर बीजेपी के सदस्य

पैनल में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए सांसदों ने इसका जोरदार विरोध किया है, सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्यों ने कहा कि यह सुप्रीम कोर्ट से पूछताछ करने जैसा है। भाजपा के सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि, सर्वोच्च न्यायालय ने राफेल सौदे पर सरकार को स्पष्ट रूप से क्लीन चिट दे दी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और खड़गे जैसे अनुभवी राजनेता राष्ट्रीय सुरक्षा के इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक बना रहे हैं। बता दें कि, पीएसी के 22 सदस्यों वाले पैनल में बीजेपी बहुमत में है क्योंकि उसके 12 सांसद हैं। वहीं खड़गे समेत कांग्रेस के 3 सांसद हैं। इसके अलावा टीएमसी के 2 सांसद हैं। पीएसी में शिवसेना ,अकाली दल , टीडीपी, बीजेडी और एआईएडीएमके के एक-एक सांसद है।

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