Sansad me aaj kya Hua: संसद शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, 'संविधान जीवंत व प्रगतिशील दस्तावेज'-राष्ट्रपति
Parliament Winter Session Highlights Today: संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू हो चुका है। आज दूसरे दिन 26 नवंबर को संसद सत्र की कार्यवाही स्थगित रही। संविधान दिवस के मौके पर संसद के दोनों सदनों के संयुक्त सत्र हुआ, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संबोधित किया। इसके अलावा भारत के संविधान 75 साल पूरा होने पर संस्कृत और मैथिली संस्करण का सेंट्रल हॉल में विमोचन किया गया। संसद का शीतकालीन सत्र 25 दिसंबर तक चलेगा।
संविधान दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दोनों सदनों को संबोधित करने से पहले संविधान सभा में शामिल सभी सदस्यों को श्रद्दांजलि दी गई। फिर अपने संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ''भारत लोकतंत्र की जननी है। हमारा संविधान प्रगतिशील और समावेशी है। पिछले कुछ सालों में भारत सरकार ने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं। गरीबों को अपना घर मिल रहा है और देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है।''
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान दिवस पर स्मारक सिक्के का विमोचन किया। इसी दौरान डाक टिकट का भी लॉन्च किया गया। संविधान दिवस के मौके पर भारतीय संविधान की महिमा, इसके निर्माण और ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाते हुए एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संबोधन दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण से जुड़ी कई बातें बताईं।
संसद शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने स्वागत भाषण में कहा कि ''75 वर्ष पहले इस दिन हमारे संविधान को अंगीकृत किया गया था। आज पूरा देश संविधान के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर रहा है। साल 2015 में हमने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। हमारा संविदान वर्षों का तप, समार्थ्य और क्षमता परिणाम है। ''

उधर, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित होने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि सभी विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला किया था, लेकिन शायद सरकार इसके लिए तैयार नहीं थी, इसीलिए दोनों सदनों के संसदीय सत्र स्थगित कर दिए गए हैं। देखते हैं क्या होता है, लेकिन सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होना जरूरी है।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने स्पीकर पर निशाना साधा और कहा कि ''पिछली लोकसभा से मेरा अनुभव यह है कि अध्यक्ष, जो अभी भी अपने पद पर हैं, कभी भी स्थगन प्रस्ताव की अनुमति नहीं देते। हमारे मुद्दे की निश्चित रूप से संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच की आवश्यकता है। जहां तक लोगों के फैसले का सवाल है, मेरा मतलब है कि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नतीजे आए हैं। झारखंड में इंडिया ब्लॉक की शानदार जीत के बारे में प्रधानमंत्री क्या कहते हैं? कर्नाटक में तीन उपचुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत के बारे में प्रधानमंत्री का क्या कहना है?''












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