इंद्रजीत गुप्ता, शफीकुर्रहमान बर्क और चंद्रमणि मुर्मू कौन हैं, PM मोदी ने विशेष संसद सत्र में क्यों किया जिक्र
संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। अभी तक इस सत्र को लेकर संभावनाओं और अटकलों का बाजार गर्म रहा है। विशेष सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय संसद के अतीत से लेकर अबतक के विभिन्न गौरवपूर्ण क्षणों को याद किया है।
इस दौरान पीएम मोदी भारतीय संसदीय व्यवस्था में करीब 7,500 सांसदों के योगदानों का जिक्र किया है। पीएम मोदी ने उस पल को भी याद किया है, जब 2014 में उन्होंने पहली बार सांसद के तौर पर संसद की सीढ़ियों पर माथा टेका था।

संसद के तीन 'सितारे', जिनका पीएम मोदी ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने अपने भाषण में एक पूर्व और दो मौजूदा लोकसभा सांसदों का विशेष तौर पर जिक्र किया है। एक हैं दिवंगत नेता इंद्रजीत गुप्ता और दो मौजूदा सांसद हैं, शफीकुर्रहमान बर्क और चंद्रमणि मुर्मू। आइए जानते हैं, इन नेताओं का पीएम मोदी की ओर से जिक्र किए जाने की क्या वजह रही है।
इंद्रजीत गुप्ता कौन थे?
इंद्रजीत गुप्ता कम्युनिस्ट आंदोलन से उभरे एक बड़े नेता और सोशल ऐक्टिविस्ट थे। वे 11 बार या 43 साल तक लोकसभा के सांसद रहे और इसी वजह से पीएम मोदी ने पुराने संसद भवन के विदाई के पल पर उन्हें खास तौर पर याद किया है। 18 मार्च, 1919 को एक सीनियर सिविल सर्वेंट के परिवार में जन्मे गुप्ता ने करियर के लिए सिविल सर्विस के पारिवारिक करियर अपनाने की जगह समाज सेवा को प्राथमिकता दी थी।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी काफी संघर्ष किया और बाद में सीपीआई से जुड़ गए। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्हें कई वर्ष जेल भी गुजारनी पड़ी। पहली बार वे 1960 में लोकसभा उपचुनाव में जीते थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल के कई लोकसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। 1996 से 1998 के दौरान उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री की जिम्मेदारी निभाने का भी मौका मिला था। 1992 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से भी नवाजा गया था। 82 साल की उम्र में 20 फरवरी, 2001 को उनका निधन हो गया।
शफीकुर्रहमान बर्क कौन हैं?
शफीकुर्रहमान बर्क समाजवादी पार्टी के मौजूदा सांसद हैं। पीएम मोदी ने उनका विशेष तौर पर इसलिए जिक्र किया, क्योंकि 93 साल की आयु में वह सांसद हैं और संसद सदस्य के तौर पर अभी भी काफी सक्रिय रहते हैं। वे अभी यूपी की संभल लोकसभा सीट का प्रतिनिदित्व कर रहे हैं। यह उनका पांचवां कार्यकाल है। सदन की कार्यवाही में उनकी उपस्थिति उम्र के बावजूद काफी अच्छी रहती है।
11 जुलाई, 1930 को जन्मे बर्क चार बार विधायक भी रह चुके हैं और लोकसभा का पहला चुनाव उन्होंने सपा के टिकट पर ही 1996 में जीता था। वैसे यह भी तथ्य है कि सपा के ये सांसद अक्सर विवादित बयानों की वजह से ही सुर्खियों में रहते हैं।
चंद्रमणि मुर्मू कौन हैं?
पीएम मोदी ने जो तीसरा नाम लिया वो है चंद्रमणि मुर्मू का, जिन्होंने सबसे कम उम्र में सांसद बनकर 2019 के लोकसभा चुनाव में इतिहास बनाया था। बीटेक की छात्रा रहीं मुर्मू ओडिशा से बीजू जनता दल के टिकट पर चुनाव जीती हैं।
वो ओडिशा की क्योंझर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जहां उन्होंने बीजेपी के दो बार के सांसद अनंत नायक को 66 हजार से भी ज्यादा वोटों से हराया था। उन्होंने 2017 में भुवनेश्वर के एसओए यूनिवर्सिटी से बीटेक पूरा किया है। इनके पिता संजीव मुर्मू एक सरकारी कर्मचारी हैं और मां उर्वशी सोरेन गृहिणी हैं।












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