Parliament Security Breach: 'स्पीकर ही सदन का संरक्षक', विपक्ष से गृह मंत्री के बयान की मांग पर बोली सरकार
Parliament Security Breach: लोकसभा में घुसपैठ के मामले में गुरुवार को निचले सदन में जमकर हंगामा हुआ। इस मामले में 13 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। संसद की सुरक्षा में सेंध मामले में विपक्ष ने गृहमंत्री अमित शाह से बयान की मांग की है। विपक्ष की इस मांग पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि अध्यक्ष ही संरक्षक हैं।
उन्होंने कहा कि सदन और सरकार केवल अध्यक्ष के आदेशों का पालन कर रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यह भी कहा कि संसद परिसर के संरक्षक के रूप में सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है।

पत्रकारों से बात करते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अध्यक्ष सदन का संरक्षक है। उनके निर्णयों पर बयान देना हमारी शक्तियों या कार्यात्मक अधिकार क्षेत्र में नहीं है। सरकार केवल अध्यक्ष के आदेशों का पालन कर रही है। सात ही उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों से अनुरोध है कि वे इस मुद्दे पर राजनीति न करें। यह एक संवेदनशील मामला है और मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि वे इस मामले में चल रही जांच में सरकार के साथ सहयोग करें।
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा कि जवाबदेही की मांग करने पर सांसदों को निलंबित कर दिया गया। जबकि भाजपा सांसद ने उपद्रवियों के प्रवेश में मदद की, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
यह लोकतंत्र की हत्या है। भाजपा सरकार ने संसद को रबर स्टांप बना दिया है। विपक्ष ने विपक्षी सांसदों के निलंबन को भयानक अलोकतांत्रिक कदम बताया, जो लोकतंत्र की हत्या है।
लोकसभा में हुए सुरक्षा उल्लंघन को लेकर विपक्ष गुस्से में है। इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग की थी। 13 विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि जो सरकार अपनी संसद को सुरक्षित नहीं रख सकती।












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