संसद का मानसून सत्र समय से पहले समाप्त, लोक सभा राज्य सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
संसद का मानसून सत्र समय से पहले समाप्त हो गया है। राज्य सभा और लोक सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। parliament monsoon session ends rajya sabha lok sabha adjourned sin e die
नई दिल्ली, 08 अगस्त : संसद का मानसून सत्र निर्धारित समय से चार दिन पहले समाप्त हो गया। संसद के दोनों सदनों ने अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। आज उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में सदन में विदाई दी गई। नायडू बुधवार को पद छोड़ देंगे और उनके उत्तराधिकारी जगदीप धनखड़ 11 अगस्त को पद की शपथ लेंगे।

कार्यवाही स्थगित से पहले ये विधेयक हुए पारित
राज्यसभा में केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, 2022 पारित हुआ। इसके कानून बनने पर डीम्ड विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान (NRTI), गति शक्ति विश्वविद्यालय (GSV) के रूप में जाना जाएगा। गति शक्ति विश्वविद्यालय एक केंद्रीय विश्वविद्यालय होगा। इसके अलावा लोकसभा में 'नई दिल्ली अंतराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022' पारित हुआ।
उत्पादकता में 70 प्रतिशत की वृद्धि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेंकैया नायडू की विदाई के मौके पर कहा कि उनकी बुद्धि और सभा संचालनके दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले वन-लाइनर्स की सराहना की। पीएम मोदी ने सभापति के रूप में नायडू के पांच साल के कार्यकाल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नायडू के कार्यकाल के दौरान "सदन की उत्पादकता में 70 प्रतिशत की वृद्धि हुई।"
उपराष्ट्रपति की प्रशंसा
पीएम मोदी ने नायडू की सराहना करते हुए कहा कि निवर्तमान अध्यक्ष ने संवाद को प्रोत्साहित किया और मानक और विरासत निर्धारित की है जो उनके उत्तराधिकारियों का मार्गदर्शन करेगी। बता दें कि नायडू 10 अगस्त को अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रहे हैं।
सभापति नायडू की टिप्पणी
राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति के रूप में अपनी अंतिम टिप्पणी में कहा, 'हम दुश्मन नहीं हैं, हम प्रतिद्वंद्वी हैं। हमें प्रतिस्पर्धा में दूसरों को पछाड़ने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए, लेकिन दूसरों को नीचा नहीं दिखाना चाहिए। मेरी इच्छा है कि संसद अच्छी तरह से काम करे ... मैं आभारी हूं और आपके प्यार और स्नेह से प्रभावित हूं।
मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान
सदस्यों ने सोमवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू की विदाई के दौरान कहा कि उन्हें अपनी मूल भाषाओं में बोलने की अनुमति दी गई। कुछ विपक्षी सदस्यों ने उनसे आत्मकथा लिखने का आग्रह भी किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी नायडू की सराहना की। उन्होंने कहा कि नायडू ने "दबाव में" होने के बावजूद शानदार काम किया।
हंगामेदार रहा संसद सत्र
बता दें कि 18 जुलाई को शुरू हुए पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने रहे हैं। हंगामे के मुद्दों में मुद्रास्फीति, विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग आदि शामिल रहे। दूसरे सप्ताह के दौरान, 24 सांसद (20 सांसद) राज्यसभा से और 4 लोकसभा से) निलंबित कर दिए गए। हालांकि, बाद में लोकसभा सदस्यों का निलंबन रद्द कर दिया गया था।












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