Sansad Mein Aaj Kya Hua: विपक्ष का SIR पर हंगामा, लोकसभा में केंद्र ने दी शाह आयोग रिपोर्ट की जानकारी

Sansad Mein Aaj Kya Hua: मानसून सत्र, 2025 अब तक संसद में चर्चा, भाषणों और विधेयकों के पारित होने के बजाय विपक्ष के हंगामे की वजह से ही चर्चा में रहा है। मंगलवार को भी दोनों सदनों की कार्यवाही हंगामे की वजह से कई बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में खनिज संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा हो सकी। लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने शाह आयोग की रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दोनों सदनों में SIR पर चर्चा और वोट चोरी के मुद्दे पर हंगामा होने लगा।

लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला और राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने विपक्षी दलों के हंगामे पर नाराजगी जाहिर की। स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि आप लोग मुझे मजबूर कर रहे हैं कि मैं कार्रवाई करूं। दूसरी ओर राज्यसभा में डिप्टी चेयरमैन ने कहा कि उच्च सदन की गरिमा के अनुरूप सदन सदस्यों का आचरण होना चाहिए। आप एक ही मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, जबकि वह नियम के मुताबिक नहीं है।

Sansad Mein Aaj Kya Hua

Lok Sabha में शाह आयोग की रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया

सरकार ने 28 मई 1977 को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जेसी शाह की अध्यक्षता में एक जांच आयोग (शाह आयोग) बनाया था। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस आयोग की जानकारी देते हुए कहा, 'आपातकाल के समय हुई गड़बड़ियों, गलत कामों और जबरदस्ती किए गए कदमों की जांच करना। इसमें परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जबरन नसबंदी कराने की घटनाएं भी शामिल थीं। शाह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार- साल 1975-76 में नसबंदी का लक्ष्य 2,48,500 तय किया गया था, लेकिन वास्तव में 26,24,755 नसबंदियां करवाई गईं। साल 1976-77 में लक्ष्य 42,55,500 था, लेकिन वास्तव में 81,32,209 नसबंदियां करवाई गईं। ये आंकड़े पूरे देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े हुए थे। इसके अलावा, आयोग को आपातकाल के दौरान - 548 शिकायतें मिलीं कि अविवाहित लोगों की जबरन नसबंदी कर दी गई। 1,774 मौतें नसबंदी से जुड़ी घटनाओं में दर्ज की गईं। यह पूरी रिपोर्ट संसद में 31 अगस्त 1978 को पेश की गई थी।'

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राज्यसभा में खान और खनिज संशोधन विधेयक, 2025 पर चर्चा

कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी की तरफ से लोकसभा द्वारा पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 विधेयक को राज्यसभा में विचार एवं पारित करने के लिए पेश किया गया। इस विधेयक की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने कहा कि देश के खनिज संसाधनों की सुरक्षा और उनके समुचित इस्तेमाल के साथ अंतिम नागरिक तक संसाधनों का लाभ पहुंचे, इसे विधेयक में सुनिश्चित किया गया है।

दूध की कीमतों को लेकर NCP-SP का प्रदर्शन

एनसीपी-एसपी के सांसदों ने संसद परिसर में दूध की कीमतों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। एनसीपी (शरद पवार) और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने कहा कि यह सरकार दुग्ध उत्पादकों के हितों की अनदेखी कर रही है। कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम आदमी महंगाई से परेशान है।

लोकसभा-राज्यसभा में भारी हंगामा

सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन शुरू हो गया। लोकसभा में कुछ कांग्रेस सांसद वेल तक पहुंच गए जिस पर नाराज होते हुए स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैं आप सबको चेतावनी दे रहा हूं, अपनी सीट पर वापस जाइए। इसके बाद भी हंगामा नहीं रुका, तो सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। राज्यसभा में डिप्टी स्पीकर ने फिर दोहराया कि चुनाव आयोग के कामकाज पर चर्चा संभव नहीं है। राज्यसभा को भी 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। 12 बजे भी हंगामा कम नहीं हुआ, तो लोकसभा को 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

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