ओडिशा: क्वारंटाइन सेंटर से रेस्क्यू किया गया पैंगोलिन, हुआ कोरोना टेस्ट
कटक। ओडिशा के वन्यजीव विंग ने कटक जिले के अथागढ़ इलाके में एक क्वारंटाइन सेंटर से एक पैंगोलिन को रेस्क्यू किया है। वन विभाग की ने रेस्क्यू टीम ने इस पैंगोलिन का कोरोना टेस्ट कराया है। राज्य के अधिकारियों ने बताया कि, यह पहली बार होगा जब राज्य में कोविड -19 परीक्षण के लिए पैंगोलिन के स्वाब नमूने भेजे जाएंगे। बता दें कि,कई रिसर्चर अभी पैंगोलिन को कोविड-19 के लिए जिम्मेदार माना रहे हैं।

अथागढ़ वन प्रभाग की एक टीम ने सोमवार रात बारांबा रेंज के महुलिया में एक क्वारंटाइन सेंटर से मादा पैंगोलिन को बचाया। महुलिया सरपंच से मिली जानकारी के बाद रेस्क्यू टीम पैंगोलिन को बचाने पहुंची थी। अथागढ़ डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर, सस्मिता लेनका ने बताया, अथागढ़ क्षेत्र में पैंगोलिन को एक संगरोध केंद्र से बचाया गया है, हम उसका कोविड -19 परीक्षण करा रहे हैं।
जर्नल नेचर में छपी रिपोर्ट के हवाले से इन वैज्ञानिकों को मिले नए सबूत इशारा कर रहे हैं कि इंसानों तक कोरोना वायरस के पहुंचने में मासूम सा नजर आने वाला पैंगोलिन इंटरमीडिएट होस्ट यानी बीच की कड़ी हो सकता है। रिसर्चर का मानना है कि, चमगादड़ से निकले कोरोना के मूल वायरस ने कुछ ताकत पैंगोलिन से ली और फिर एक नए रूप में विकसित होकर इंसानों में Sars-CoV-2 वायरस बनकर फैल गया।
स्टडी में वैज्ञानिकों ने लिखा है कि आमतौर पर बीमारी के नेचुरल वाहक में उसके गंभीर लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन उससे यदि बीमारी किसी इंटरमीडिएट होस्ट जानवर में चली जाती है तो वह संक्रमण के क्लीनिकल लक्षण दिखाता है। यही लक्षण कोरोना वायरस में देखने को मिले हैं।












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