Pakistani Nationals: 3 दशक से भारत में रह रहीं शारदा बाई को छोड़ना होगा देश? पाक वीजा रद्द होने पर मिला नोटिस
Pakistani Nationals Leave India: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी वीजा रद्द करते हुए पाक नागरिकों को 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया था। वहीं अटारी बॉर्डर बंद करने के आदेश के बाद देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की प्रक्रिया तेज हो गई है।
इसी बीच पिछले तीन दशकों से भारत के ओडिशा राज्य में रह रहीं 55 वर्षीय शारदा बाई (अब शारदा कुक्रेजा) पर भी पाकिस्तानी वीजा रद्द करने का असर पड़ा है। उनको स्थानिय पुलिस ने भारत छोड़ने का नोटिस दिया है।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शारदा जन्म से पाकिस्तानी हैं लेकिन कई सालों पहले उनके पिता भारत आए और यहीं रह गए। बातचीत करते हुए शारदा बाई कहती हैं कि भारत उनके लिए सिर्फ एक निवास स्थान नहीं, बल्कि उनका अपना देश है।
वो कहती हैं, "जब से मैं भारत आई हूं, मैंने इस देश को अपना मान लिया है। मेरा पूरा परिवार यहीं है। मैं पाकिस्तान नहीं जाना चाहती। मैंने तो कभी फोन पर भी पाकिस्तान में किसी से बात तक नहीं की," उन्होंने भावुक होते हुए कहा।
Pakistani Nationals: पाक में जन्मीं शारदा 35 सालों से रहती हैं
शारदा बाई का जन्म 1970 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सुक्कुर शहर में हुआ था। उनके पास पाकिस्तान का पासपोर्ट था, जिसके आधार पर उनके जन्म स्थान और वर्ष की पुष्टि होती है। 1987 में शारदा के पिता अपने छह बच्चों के साथ भारत आए थे। वह 60 दिन के वीज़ा पर आए थे और फिर ओडिशा के कोरापुट ज़िले में बस गए।
भारत आने के कुछ सालों बाद, शारदा बाई ने बलांगीर के एक व्यवसायी से विवाह कर लिया। आज उनके एक बेटा, एक बेटी और दो नाती-पोते हैं, जो सभी भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत में बिताया है, भारतीय संस्कृति को अपनाया है और यहीं अपनी पहचान बनाई है।
Pakistani Nationals Leave India: पुलिस से मिला एग्जिट नोटिस
हाल ही में, जिला पुलिस ने उन्हें एक "एग्जिट नोटिस" भेजा है, जिसमें कहा गया है कि उनके पास न तो कोई वैध दीर्घकालिक वीजा है और न ही वह उन श्रेणियों में आती हैं जिन्हें विशेष छूट प्राप्त है। पुलिस आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि वह भारत नहीं छोड़तीं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में लिखा गया है, "हमारे रिकॉर्ड के अनुसार, आपके पास न तो वैध दीर्घकालिक वीज़ा है और न ही आप किसी छूट प्राप्त श्रेणी में आती हैं। अतः आपको तत्काल भारत छोड़ने का निर्देश दिया जाता है।"
शारदा बाई का कहना है कि उन्होंने कभी भारत से बाहर जाने की कल्पना भी नहीं की थी। "मेरे बच्चों और नाती-पोतों का जन्म यहीं हुआ है। मेरी सारी यादें, मेरा जीवन, सब कुछ भारत में है। मैं पाकिस्तान को जानती तक नहीं, न ही वहां मेरा कोई संपर्क है।"
उनकी इस स्थिति ने स्थानीय समुदाय और नागरिक अधिकार संगठनों के बीच चिंता बढ़ा दी है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की है कि शारदा बाई जैसे मामलों पर मानवीय दृष्टिकोण से विचार किया जाए। उनका कहना है कि जो व्यक्ति दशकों से भारत में रह रहा है, भारतीय जीवन पद्धति में रच-बस गया है और जिसकी अगली पीढ़ी भारतीय नागरिक है, उसे इस तरह देश छोड़ने के लिए मजबूर करना उचित नहीं है।












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