पाकिस्तानी ISI ने रची 'आध्यात्मिक गुरुओं' के जरिए सेना के जवानों को फंसाने की साजिश
नई दिल्ली- हनी ट्रैप की घटनाओं के मद्देनजर भारतीय सेना ने अपने जवानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी के जरिए सेना ने सुरक्षा बलों खासकर भारतीय सेना के जवानों को चेतावनी दी है कि वह किसी भी ऐसे अजनबी से मित्रता की जाल में न उलझें जो आध्यात्मिक गुरुओं, बाबाओं के रूप में हों या विदेशी मूल की महिलाएं हों। सेना ने करीब 150 ऐसी प्रोफाइल्स की भी पहचान की है, जिसका पाकिस्तान ने भारतीय सेना के लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने के लिए इस्तेमाल किया है।

सेना की ओर से ये एडवाइजरी अक्टूबर के मध्य में जारी की गई है। इसके मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) भारतीय सुरक्षा बलों, खासकर उन सेना के लोगों को टारगेट करने के फिराक में हैं, जो संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। सेना ने सभी लोगों से कहा है कि सोशल मीडिया पर संवेनशील जानकारी देने से बचें और हनी ट्रैप की हर कोशिश के प्रति सचेत रहें। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक 'पाकिस्तान में सक्रिय लोग, सोशल मीडिया के जरिए सेना के सीनियर अफसरों के नंबर और डिप्लॉयमेंट पैटर्न की सूचना जुटाते हैं। '
पाकिस्तान में सक्रिय कई सोशल मीडिया के कार्यकर्ता भारतीय मूल के व्यक्ति का छद्म रूप लेकर और अपना गलत नाम और पहचान बताकर जैसे- आर्मी हेडक्वार्टर से विक्रम या बीमा अधिकारी के नाम से कॉल कर रहे हैं और जानकारियां ले लेते हैं।
अहम जानकारियां पाकिस्तानी सेना या आईएसआई तक पहुंचाने के लिए ये लोग बाबा, आध्यात्मिक गुरु या आध्यात्मिक विचारों की बातों में उलझाकर भी अपना उल्ली-सीधा करने की कोशिश में हैं। इसलिए सेना ने एडवाइजरी जारी कर पाकिस्तान की ऐसी हर नापाक हरकत को नाकाम करने के लिए कहा है।












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