करतारपुर कॉरिडोर: भारत-पाक अधिकारियों की बैठक से पहले खालिस्तानी समर्थक नेता से मिले थे इमरान खान
नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को खालिस्तानी समर्थक नेता और आंतकी संगठन जैश प्रमुख मसूद अजहर के सहयोगी गोपाल सिंह चावला से मुलाकात की थी। इसके अगले दिन गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के अधिकारी गुरुवार को करतारपुर कॉरीडोर पर चर्चा के लिए अटारी में मिले हैं। बता दें कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव के बीच दोनों देशों के अधिकारियों के बीच यह पहली बैठक रही।

इस बैठक के पीछे बताया गया कि कॉरिडोर को लेकर कुछ बिन्दुओं पर मतभेद थे जिस पर चर्चा करने करने के लिए दोनों देशों के अधिकारी मिले हैं। इससे पहले करतारपुर कॉरिडोर लॉन्चिंग सेरेमनी से पहले गोपाल चावला और पाकिस्तान के सेना प्रमुख से मुलाकात की खबर थी। मुलाकात का फोटो और वीडियो भी सामने आया था जिसमें पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा ने चावला का गर्मजोशी से स्वागत किया था। ऐसी भी रिपोर्टें आई हैं कि खालिस्तान अलगाववादी समूह इस गलियारे के रास्ते आतंकवाद को भी बढ़ावा दे सकता है।
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बैठक के बाद दोनों देशों ने जारी किया साझा बयान
करतारपुर कॉरिडोर के लिए भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों की बैठक के बाद दोनों देशों ने साझा बयान जारी किया। साझा बयान में कहा गया है कि पहली मीटिंग में करतारपुर साहिब को कॉरिडोर से जोड़ने के लिए हुई पहली वार्ता में तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के लिए तैयार ड्राफ्ट पर चर्चा की गई। साझा बयान के मुताबिक दोनों देशों ने कॉरिडोर के लिए प्रस्तावित कई अहम बातों पर चर्चा की। अब वाघा में दो अप्रैल 2019 को इस कॉरिडोर पर अगली मुलाकात होगी। भारतीय गृह मंत्रालय के ज्वॉइन्ट सेक्रेटरी एससीएल दास ने इस पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि प्रोजेक्ट के फेज 1 के तहत रोजाना कम से कम करीब 5000 तीर्थयात्रियों के दर्शन की व्यवस्था की जाए। इसमें न सिर्फ भारतीय नागरिक शामिल हों बल्कि भारतीय मूल लोग भी शामिल हों।
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