पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर, भारत के पास क्या है विकल्प
Pakistan airspace closure: 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान चली गई। इस कायराना हमले के बाद देश में उबाल है और लोग पाकिस्तान को सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं। इसी बीच बुधवार देर रात को भारत ने पाक पर नकेल कसते हुए सिंधु जल समझौता रद्द करने के साथ ही 5 अहम फैसले लिए।
पाकिस्तान ने अपनी जवाबी कर्रवाई में 24 अप्रैल को भारत के लिए अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिया जिसके चलते भारत की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो की कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है।

इस स्थिति को लेकर इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी किया है।
pakistan airspace closure: एयरलाइन पर पड़ रहा प्रभाव
एयरलाइन ने कहा है, "हम पाकिस्तान द्वारा अचानक किए गए हवाई क्षेत्र बंद के बाद की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। हमारी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें इस कारण प्रभावित हुई हैं।"
हालांकि कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन-किन मार्गों पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं, लेकिन अनुमान है कि पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों में परिवर्तन या देरी हो सकती है। इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति जानने के लिए कंपनी की वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क में रहें।
गौरतलब है कि पाकिस्तान का अपना एयरस्पेस बंद करने का असर न सिर्फ भारतीय बल्कि अन्य देशों की भी कई उड़ानों पर पड़ सकता है, क्योंकि यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय विमान मार्गों का एक अहम और सरल हिस्सा है। पाक के इस फैसले से भारत के घरेलू क्षेत्रों में कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन कई प्रमुख शहरों से यूरोप, अफगानिस्तान, ईरान और मध्य एशिया की उड़ानों की रूटिंग प्रभावित हुई है।
pakistan airspace closure: भारत के सामने अब कौन से विकल्प बचे?
दक्षिणी मार्ग से रीरूटिंग:
- भारत की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (जैसे दिल्ली से यूरोप या अमेरिका की तरफ जाने वाली फ्लाइट्स) पाकिस्तान के ऊपर से होकर जाती हैं।
- अगर पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने पर ये फ्लाइट अरब सागर के ऊपर से होकर ओमान या UAE के रास्ते आगे बढ़ सकते हैं।
- इससे उड़ान की दूरी और समय थोड़ा बढ़ जाता है, लेकिन यह एक सुरक्षित और व्यवहारिक विकल्प है।
ईरान के ऊपर से वैकल्पिक रूट
- भारत ईरान, तुर्कमेनिस्तान और कजाकिस्तान के ऊपर से होकर यूरोप और रूस की उड़ानों को भेज सकता है।
- इसके लिए भारत को संबंधित देशों से अनुमति लेनी होगी।
- यह मार्ग लंबा और महंगा होता है (fuel cost + airspace usage charges), लेकिन यह एक व्यवहार्य विकल्प है।
मध्य एशियाई हवाई मार्ग:
- भारत कुछ उड़ानों को मध्य एशिया का प्रयोग
- जैसे कि उज्बेकिस्तान या ताजिकिस्तान-के ऊपर से डायवर्ट कर सकता है।
pakistan airspace closure: इनका क्या असर पड़ेगा?
इंधन और समय पर असर:
- रीरूटिंग की वजह से उड़ानों की लंबाई बढ़ेगी
- जिससे एयरलाइंस को अतिरिक्त फ्यूल की जरूरत होगी और यात्रा समय भी अधिक होगा।
एविएशन सेक्टर पर असर:
- विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं
- एयरलाइनों पर परिचालन लागत का दबाव बढ़ेगा।
- खासकर उन रूट्स पर जो पाकिस्तान के ऊपर से होकर जाते थे।












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