'तुरंत बहाल हो राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता', सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोले चिदंबरम
सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरनेम वाले मामले में विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी की दो साल की सजा पर कोर्ट ने रोक लगा दी है।
भारत की शीर्ष सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मोदी सरनेम वाले मामले में विपक्षी कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी को राहत दी है। राहुल गांधी को मिली दो साल की सजा पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। जिससे वह संसद में लौटने और अगले साल होने वाले राष्ट्रीय चुनाव लड़ने में सक्षम हो गए हैं।
अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद क्या अब राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल हो जाएगी? ऐसे में सांसदों और राजनेताओं की कुछ प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पी. चिदंबरम ने कहा...

संसद सदस्य पी. चिदंबरम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज का आदेश उस तर्क की पुष्टि है जिसे हमने ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हर अदालत के सामने लगातार रखा है। लोकसभा को अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता तुरंत बहाल करनी चाहिए। कृपया याद रखें कि हम पिछले 162 सालों में ऐसा कोई मामला नहीं ढूंढ पाए हैं, जहां अदालत ने 'बदनामी' के लिए अधिकतम 2 साल की सजा दी हो। हमारा मानना है कि यह मामला राहुल गांधी को संसद से दूर रखने के एकमात्र इरादे से बनाया गया था।
वहीं, संसद सदस्य केसी वेणुगोपाल ने कहा कि न्याय की जीत हुई है। कोई भी ताकत लोगों की आवाज को दबा नहीं सकती। उधर, जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं उस मामले में राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती हूं, जिसमें खड़े होने के लिए कोई पैर नहीं थे। खुशी है कि वह भारत के विचार के लिए लड़ने के लिए संसद में वापस आएंगे।












Click it and Unblock the Notifications