Opinion: TSPSC की देश में अपनी एक प्रतिष्ठा और विशेष पहचान है
तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग की देश में अपनी एक प्रतिष्ठा है। इसके नाम कई तरह के रिकॉर्ड दर्ज हैं। सिर्फ दो कर्मचारियों की वजह से इसकी छवि न खराब हो, इसलिए तेलंगाना सरकार ने इस मामले में तत्काल ऐक्शन लिया है।

तेलंगाना में सिर्फ दो लोगों की गलती के चलते तेलंगाना स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है। हालांकि, राज्य सरकार ने बिना देर किए जो कुछ भी हुआ उसकी सही पड़ताल के लिए एसआईटी की जांच बिठा दी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उम्मीदवारों के मन में किसी तरह का संदेह नहीं रह जाए, इसलिए परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। लेकिन, केसीआर सरकार को पता है कि इसमें उम्मीदवारों की क्या गलती है, वे क्यों भुगतें ? इसलिए उसने दोबारा से परीक्षा की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को स्टडी मटेरियल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने का भी फैसला किया है। सरकार ने यह भी ऐलान कर दिया है कि अब परीक्षाएं और भी सख्ती और योजनाबद्ध तरीके से ली जाएंगी, ताकि सक्षम उम्मीदवारों को सफलता जरूर मिले।

टीएसपीएससी की देश में एक प्रतिष्ठा है
जब से तेलंगाना राज्य का गठन हुआ है, टीएसपीएससी की पहचान ऐसी लोक सेवा आयोग के तौर पर बनी है, जिसने देश में सबसे ज्यादा संख्या में विभिन्न पदों पर भर्तियां की हैं। टीएसपीएससी ने खुद को देश के सबसे बेहतर लोक सेवा आयोगों में से एक के रूप में स्थापित करके दिखाया है। टीएसपीएससी को एक बार में 10 लाख उम्मीदवारों की परीक्षा संचालित करने का सम्मान भी प्राप्त है। इसके नाम सात भाषाओं में एक साथ परीक्षा कराने का भी रिकॉर्ड दर्ज है। लोक सेवा आयोग के मामले में राज्य सरकार की किसी भी तरह से कोई दखल का सवाल ही नहीं है। लेकिन, ताजा मामले में दो कर्मचारियों की गलतियों के चलते पूरा सिस्टम विवादित हो गया और उंगलियां उठाए जाने वालों को मौका हाथ लग गया। परीक्षाओं के संचालन और रोजगार सृजन को लेकर जो मौजूदा विवाद पैदा हुआ है, उसे देखते हुए सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द कर देना ही बेहतर समझा। इससे उम्मीदवारों के मन में किसी तरह का संदेह नहीं पैदा होगा और सब कुछ पारदर्शी रहेगा। फिर से परीक्षाएं लेने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

सरकार ने बिना देर किए एसआईटी बिठा दी
तेलंगाना सरकार इस मामले को यहीं तक नहीं छोड़ रही है। वह इस घटना की जड़ तक जाने की कोशिश में है और इसलिए पूरे मामले की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई है। इसकी अगुवाई एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। दोनों कर्मचारियों जो कि इस मामले में मुख्य आरोपी हैं, उनके साथ प्रवीण और राजशेखर रेड्डी से भी पूछताछ चल रही है। सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। राज्य के मंत्री केटीआर पहले ही कह चुके हैं कि जो लोग परीक्षा दे चुके हैं और क्वालीफाई भी कर चुके हैं, उनका दर्द वह समझ सकते हैं। जो उम्मीदवार परीक्षा में दोबारा शामिल होंगे, उन्हें फिर से फीस नहीं देनी होगी। स्टडी मटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाएगी।

कई तरह के सुधार पर भी अमल किया जा रहा है
तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग में कई सुधार लागू किए जा रहे हैं। साक्षात्कार में धांधली को रोकने के लिए सभी पदों के लिए इंटरव्यू रद्द कर दिए गए हैं। 95 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को ही मिले, इसके लिए नियम बदले गए हैं। नियुक्तियों के साथ-साथ प्रबंधन में बोर्ड पूरी पारदर्शिता बरत रहा है। अभी जो कुछ हुआ है, उसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश की गई है। सरकार के खिलाफ राजनीतिक वजहों से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उम्मीदवारों के मन में नया संदेह पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन, सरकार इस मामले में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतना चाहती है। लगता है कि जांच आगे बढ़ने के बाद इस मामले में कुछ और अहम और ठोस तथ्य सामने आएंगे।












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