Operation Sindoor: अमेरिका के लिए देरी से रवाना होगा भारत का कूटनीतिक दल, शशि थरूर ने बताई इसके पीछे की वजह
Operation Sindoor: कांग्रेस सांसद शशि थरूर आतंकवाद के खिलाफ भारत के 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) संदेश को विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए बनाई गई 7 प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व कर रहे हैं। शशि थरूर (Shashi Tharoor)अमेरिका जाने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं उन्होंने मीडिया से बताया कि, लेकिन हमारा प्रतिनिधिमंडल थोड़ा बाद में रवाना हो रहा है।

इस वजह से देरी से अमेरिका जाएगा प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, 'मेरे प्रतिनिधिमंडल के लिए ब्रीफिंग केवल शुक्रवार को होगी। इसलिए ईमानदारी से कहूं तो मैं फिलहाल कुछ नहीं कहूंगा। कुछ टीमें पहले रवाना हो रही हैं, इसलिए उन्हें अपनी बैठक कल करनी है। लेकिन हमारा प्रतिनिधिमंडल थोड़ा बाद में रवाना हो रहा है, क्योंकि अमेरिका में 'मेमोरियल डे वीकेंड' आ रहा है और अमेरिकी कांग्रेस 2 जून तक सत्र में नहीं है। ऐसे में वहां जल्दी पहुंचने का कोई मतलब नहीं है। इसलिए हम बाद में जा रहे हैं और देर से लौटेंगे। मेरा ख्याल है, हमारा प्रतिनिधिमंडल 24 मई को रवाना होगा।'
लास्ट में अमेरिका के दौरे पर जाएंगे
उन्होंने आगे कहा, 'हम सबसे पहले जॉर्जटाउन (गयाना), फिर पनामा, कोलंबिया, ब्राजील और अंत में अमेरिका जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि, आज हमारे लिए विदेश सचिव द्वारा एक ब्रीफिंग रखी गई है।
प्रतिनिधिमंडल में ये लोग हैं शामिल
- डॉ. शशि थरूर सांसद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (नेता)
- अमेरिका, पनामा, गयाना, ब्राज़ील, कोलंबिया
- श्रीमती शांभवी सांसद, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)
- डॉ. सरफ़राज़ अहमद सांसद, झारखंड मुक्ति मोर्चा
- श्री जी. एम. हरीश बालयोगी सांसद, तेलुगु देशम पार्टी
- श्री शशांक मणि त्रिपाठी सांसद, भारतीय जनता पार्टी
- श्री भुवनेश्वर कलिता सांसद, भारतीय जनता पार्टी
- श्री मिलिंद मुरली देवड़ा सांसद, शिवसेना
- राजदूत तरणजीत सिंह संधू
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सरकार का क्या है उद्देश्य?
आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं: भारत इस प्रतिनिधिमंडल के जरिए साफ़ करना चाहता है कि आतंकवाद के किसी भी रूप को वह बर्दाश्त नहीं करेगा चाहे वह सीमा पार से हो या घरेलू रूप में।
वैश्विक सहयोग की आवश्यकता: इस प्रतिनिधिमंडल के जरिए भारत दुनिया को यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद वैश्विक खतरा है और इससे लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर, बिना दोहरे मापदंड के काम करना होगा।
भारत को निशाना बनाए जाने की निंदा: हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले जैसे उदाहरणों के जरिए भारत यह दिखाना चाहता है कि वह लगातार आतंकवाद का शिकार है, और उसे वैश्विक समर्थन की आवश्यकता है।
पाकिस्तान जैसे देशों की भूमिका उजागर करना: भारत परोक्ष रूप से यह भी दिखाना चाहता है कि कुछ देश आतंकवाद को समर्थन देते हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाबदेह ठहराना जरूरी है।
भारत की लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण छवि: भारत यह भी बताना चाहता है कि वह एक शांतिप्रिय, लोकतांत्रिक राष्ट्र है जो आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है, लेकिन शांति और विकास का पक्षधर है।












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