स्नैपडील की बंपर सेल से दिखी ई-कामर्स की ताकत
नई दिल्ली (ब्यूरो)। हालांकि ऑनलाइन बाजार को लेकर तमाम नेगटिव बातें हो रही हैं देश में, इसके बावजूद ये बाजार फल-फूल रहा है। हालांकि लग यह रहा था कि इसके कारोबार में दिवाली के बाद मंदी आ जाएगी।
जानकारों के अनुसार,एक साल के दौरान ई-कॉमर्स के कारोबार में पांच गुना तक का उछाल आया है। एक बात और। पिछले साल इन कंपनियों ने विज्ञापनों पर जहां करीब 350 करोड़ रुपये तक खर्च किए थे, वहीं इस साल यह खर्च 1,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू रहा है।
सेविंग डे
इस बीच, ई-टेलिंग फर्म स्नैपडील पर मंगलवार को 'सेविंग डे' का बाजार सजा। इसमें रिकार्ड खरीददारी हुई। और तो और, खरीददारों की भीड़ से इसकी की वेबसाइट कर गई। हालांकि कई ग्राहकों ने भी स्नैपडील की साइट क्रैश होने को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत दर्ज कराई तो वहीं कई ग्राहक सिर्फ जायजा लेने के लिए उसकी साइट पर गए। स्नैपडील पिछले कुछ दिनों से टेलीविजन पर 'सेविंग्स डे' को लेकर प्रचार अभियान चला रही थी। ट्विटर पर एक ट्वीट से इस स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है, 'अखबारों में जितने ज्यादा विज्ञापन होंगे, सर्वर डाउन होने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होगी।'
ग्राहकों के बीच पैठ बनाने के लिए फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, एमेजॉन और मिंत्रा जैसी कंपनियां विज्ञापनों पर भारी-भरकम रकम खर्च कर रही हैं।
राजधानी की बैंकर गीता ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ स्नैपडील की सेल के लिए एकदम तैयार थीं। उन्होंने तगड़ी खरीददारी की। इससे पहले कम से कम पांच 'सेविंग डे' मनाए जा चुके हैं। हालांकि त्योहारी सीजन में तमाम उत्पादों तक फैली सेल के उलट यह कुछ ही उत्पादों तक सिमटी रही।
इस सेल के बारे में कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि यह भी संभव है कि तमाम ग्राहक ऐसे होंगे, जो टेलीविजन और अखबारों में चल रहे प्रचार अभियान के चलते साइट पर जाने के लिए प्रेरित हुए होंगे। कुछ जानकारों का कहना है कि ऑनलाइन रिटेल कंपनियों का यह विज्ञापन अभियान देश के विज्ञापन उद्योग की तस्वीर बदल सकता है।













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