Oneindia Survey: शासन कैसा हो? देश क्या सोचता है? वनइंडिया शुरू करने जा रहा है गवर्नेंस पर बड़ा सर्वे
Oneindia Survey 2025: वनइंडिया जल्द ही एक व्यापक और अभूतपूर्व सर्वेक्षण शुरू करने जा रहा है जिसका उद्देश्य भारत में शासन की स्थिति को समझना और देश का मूड जानना है। 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद कई राज्य सरकारें अपने कार्यकाल का पहला साल पूरा कर रही हैं, ऐसे में वनइंडिया पॉलिटिकल वाइब के साथ मिलकर गवर्नेंस पर बड़ा सर्वे शुरू करने जा रहा है। इस सर्वे में ये जानने की कोशिश की जाएगी कि देश का वास्तविक मूड क्या है और शासन कैसा होना चाहिए।
यह सिर्फ एक सामान्य सर्वे नहीं है बल्कि यह एक तय समय पर और योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा प्रयास है, ताकि यह जाना जा सके कि सरकार के एक साल पूरे होने के बाद लोग अपने नेताओं, उनकी नीतियों और किए गए वादों के बारे में क्या सोचते हैं। किसी भी नई सरकार के लिए एक साल का समय ऐसा होता है जब उसके कामकाज की पहली समीक्षा की जा सकती है। वनइंडिया की यह पहल इसी मौके का फायदा उठाकर अलग-अलग राज्यों में जनता की राय को गहराई से समझने की कोशिश करेगी। इसके पीछे पुख्ता आंकड़े और तथ्य होंगे।

वनइंडिया गवर्नेंस सर्वे में इन पहलुओं का रखा जाएगा ध्यान
वनइंडिया के इस गवर्नेंस सर्वे में सरकार से जुड़े कई जरूरी पहलुओं पर फोकस किया जाएगा। जैसे - कामकाज में पारदर्शिता, जिम्मेदारी तय होना, भ्रष्टाचार पर लगाम, सरकारी सेवाओं की स्थिति और लोगों की संतुष्टि। इस सर्वे का मकसद है कि आम लोगों की सच्ची राय सामने लाई जाए जिससे सरकार और नीति बनाने वाले बेहतर फैसले ले सकें।
कैसे किया जाएगा ये सर्वे
वनइंडिया गवर्नेंस सर्वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें हिस्सा ले सकें। सर्वे के बाद सभी जवाबों का विश्लेषण करके एक पूरी रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे सभी के साथ साझा किया जाएगा। वनइंडिया की यह पहल देश में लोकतंत्र को मजबूत करने और लोगों की आवाज को आगे लाने की एक अहम कोशिश है।
सर्वे को कैसे किया गया है डिजाइन
इस सर्वे को खास बनाता है इसका व्यापक और विस्तृत डिजाइन। वनइंडिया की संपादकीय टीम और Political Vibe की अनुभवी एनालिटिक्स टीम ने मिलकर इस सर्वे को तैयार किया है। यह सर्वे शहरों और गांवों दोनों इलाकों को कवर करेगा इसमें जाति, वर्ग, लिंग और पीढ़ीगत भिन्नताओं को भी ध्यान में रखा गया है, जिससे देश के हर हिस्से की आवाज सुनी जा सके और भारत की राजनीतिक सोच की विविधता और जटिलता को वास्तविक रूप से दिखाया जा सके।
इस पूरी पहल का मुख्य फोकस है - "शासन"। आज के समझदार और आगे बढ़ने की चाह रखने वाले वोटरों के लिए शासन अब सिर्फ एक सामान्य बात नहीं रह गया है, बल्कि यह सबसे अहम मुद्दा बन गया है, जो उनके फैसले को तय करता है।
यह सर्वे शासन से जुड़े अहम बिंदुओं की गहराई से जांच करेगा, जैसे:
- चुनावी वादों को निभाने की स्थिति,
- प्रशासन की जवाबदेही और प्रतिक्रिया,
- बुनियादी ढांचे में प्रगति,
- जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच,
- नेतृत्व की विश्वसनीयता।
- यह सर्वे भारत के नागरिकों की सोच और अपेक्षाओं को समझने की दिशा में एक सटीक और व्यापक प्रयास होगा।
असल में, यह सिर्फ लोकप्रियता का सवाल नहीं है, बल्कि प्रदर्शन का है। वोटर बारीकी से देख रहे हैं और कई लोग अपने विचार बदलने को भी तैयार हैं अगर उन्हें लगे कि उनसे किए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में चुनावी व्यवहार को समझना बेहद जरूरी हो जाता है, खासकर आने वाले चुनावों में। याद दिला दें कि 2025 में बिहार, 2026 तमिलनाडु केरल समेत पांच राज्यों में चुनाव होना है और 2027 में उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत और पांच राज्य।












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