One Nation One Election लागू कराने के लिए क्या है रोडमैप? किन-किन पड़ावों से होगा गुजरना?

One Nation One Election Road Map: केंद्रीय मंत्रिमंडल से बुधवार (18 सितंबर) को देश भर में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। यह निर्णय कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' योजना पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद लिया गया है।

खास बात यह है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से पास होने के बाद अब इसके लागू होने के लिए कई संवैधानिक और कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यह एक बड़ा बदलाव है, इसलिए इसे लागू करने के लिए कुछ अहम कदम उठाने होंगे। आइए आपको रूबरू कराते हैं उन रूट मैप से...

One Nation One Election Route Map

  • संविधान संशोधन: चूंकि वर्तमान में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, इसे एक साथ कराने के लिए संविधान में बदलाव करना होगा। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 83, 85, 172, 174, और 356 में संशोधन की आवश्यकता होगी, ताकि केंद्र और राज्य चुनाव एक साथ कराए जा सकें।
  • विधानसभा और संसद में बहुमत: इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, राज्यों की विधानसभाओं में भी इस पर सहमति आवश्यक है, क्योंकि यह राज्य स्तर के चुनावों को भी प्रभावित करेगा।
  • कानूनी और चुनाव आयोग की भूमिका: चुनाव आयोग को इस व्यवस्था के लिए चुनावी नियमों और प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव करने होंगे। चुनाव आयोग की भी इस पर सहमति और उसकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक होगी ताकि चुनाव सुचारू रूप से हो सके।

    ये भी पढ़ें- One Nation One Election कब से होगा लागू? चुनावों को लेकर क्या है मोदी सरकार की प्लानिंग

  • लॉजिस्टिक चुनौतियां: एक साथ चुनाव कराने के लिए भारी संसाधनों की आवश्यकता होगी, जैसे बड़ी संख्या में ईवीएम मशीन और मानव संसाधन। इसके लिए व्यापक तैयारी की जाएगी।
  • राजनीतिक और आम सहमति: इस बदलाव के लिए व्यापक राजनीतिक सहमति भी महत्वपूर्ण है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इसके समर्थन या विरोध के अनुसार भी इसका भविष्य तय होगा। इसके अलावा, जनता की राय भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
  • एक नजर: संविधान के इन 5 अनुच्छेदों में करना होगा संशोधन?

    अनुच्छेद 83 (लोकसभा और राज्यसभा का कार्यकाल)

    • यह अनुच्छेद लोकसभा और राज्यसभा के कार्यकाल को परिभाषित करता है।
    • लोकसभा का कार्यकाल: 5 साल होता है, जब तक कि इसे पहले भंग न किया जाए।
    • राज्यसभा एक स्थायी सदन है, जिसे भंग नहीं किया जा सकता, लेकिन इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं।

    ये भी पढ़ें- One Nation-One Election के प्रस्ताव को मोदी कैबिनेट की मंजूरी, कोविंद समिति की रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया?

    अनुच्छेद 85 (संसद का सत्र और भंग करना)

    • यह अनुच्छेद संसद के सत्र बुलाने और लोकसभा को भंग करने की प्रक्रिया को निर्धारित करता है।
    • इसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के सत्र बुलाएंगे, और दो सत्रों के बीच अधिकतम 6 महीने का अंतर हो सकता है।
    • लोकसभा को भंग करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास होता है।

    अनुच्छेद 172 (राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल)

    • यह अनुच्छेद राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल को निर्धारित करता है।
    • राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल: 5 साल का होता है, जब तक कि उसे पहले भंग न किया जाए।
    • किसी आपातकाल की स्थिति में विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, लेकिन अधिकतम एक वर्ष के लिए।

    अनुच्छेद 174 (राज्य विधानसभाओं का सत्र और भंग करना)

    • यह अनुच्छेद राज्य के राज्यपाल को राज्य विधानसभाओं के सत्र बुलाने और विधानसभा को भंग करने का अधिकार देता है।
    • राज्य विधानसभाओं के दो सत्रों के बीच भी अधिकतम 6 महीने का अंतर हो सकता है।
    • राज्यपाल के पास राज्य विधानसभा को भंग करने का अधिकार है, जब आवश्यक हो।

    अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन)

    • यह अनुच्छेद तब लागू होता है, जब किसी राज्य में संवैधानिक मशीनरी विफल हो जाती है, जिसे राष्ट्रपति शासन कहा जाता है।
    • इस अनुच्छेद के तहत, अगर राज्य की सरकार संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार काम करने में विफल रहती है, तो राष्ट्रपति उस राज्य में शासन को अपने अधीन ले सकते हैं और राज्य विधानसभा को भंग या निलंबित कर सकते हैं।
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+