'One Nation One Election' JPC के लिए कांग्रेस ने प्रियंका गांधी, मनीष तिवारी समेत प्रस्तावित किए चार नाम
One Nation One Election Bill: वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक मंगलवार को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया गया। 129वां संविधान (संशोधन) बिल की समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन किया जाना है। वन नेशन वन इलेक्शन जेपीसी में कांग्रेस की तरफ से वायनाड सांसद प्रियंका गांधी समेत कुल चार दिग्गज नेताओं के नाम नॉमिनेट किए हैं।
कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के लिए चार नाम नॉमिनेट किए हैं जिनमें प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा मनीष तिवारी, रणदीप सुरजेवाला और सुखदेव भगत के नाम शामिल है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने समिति के लिए साकेत गोखले और कल्याण बनर्जी को भी नामित किया है।

वन नेशन वन इलेक्शन का जमकर हो रहा विरोध
वन नेशन वन इलेक्शन जिसका उद्देश्य देश भर में एक साथ लोकसभा और राज्यसभा चुनाव करवाना है। उससे संबंधित विधेयक विपक्षी पार्टियेां के काफी विरोध का सामना करना पड़ा है, जिसके कारण अमित शाह ने बयान दिया कि इसे जेपीसी को भेजने का विचार प्रधानमंत्री मोदी का था।
वन नेशन वन इलेक्शन बिल के लिए दोबारा करवाई गई ई वोटिंग
विवादों और मनीष तिवारी के इसे वापस लेने के आह्वान के बावजूद, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली में समस्याओं के कारण दोबारा मतदान के बाद, विधेयक लोकसभा में पक्ष में 269 वोटों और विपक्ष में 198 वोटों के साथ पारित होने में सफल रहा।
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई वाली उच्च स्तरीय समिति ने 'एक देश-एक चुनाव' को व्यवहारिक रूप से लागू किए जाने संबंधी सभी पहलुओं पर विचार और जांच करने में करीब 191 दिन बिताए और मौजूदा विधेयक के लिए आधार तैयार किया।
राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा जा चुका है One Nation One Election प्रस्ताव
रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली समिति के निष्कर्षों पर आधारित रिपोर्ट को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को प्रस्तुत किया गया, वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों का सुझाव दिया गया। इनमें अनुच्छेद-82 (ए) की शुरूआत और अनुच्छेद 83, 172 और 327 में संशोधन शामिल हैं, ताकि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए निश्चित कार्यकाल सुनिश्चित किया जा सके, साथ ही समय से पहले विघटन की स्थिति में किसी भी अवधि के लिए चुनाव की अनुमति भी दी जा सके।
भारत में क्या पहले लागू हो चुका है One Nation One Election
समिति की सिफारिशें प्रस्तावित विधेयक के लिए आधार का काम करती हैं, जिसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव की वापसी को सुगम बनाना है। भारत की आजादी के बाद वन नेशन वन इलेक्टशन के तहत चुनाव हुए थे लेकिन 1970 के दशक की शुरुआत में बंद हो गया।
One Nation One Election का क्या है उद्देश्य?
लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक ही दिन में कराने से सरकार को उम्मीद है कि चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा, जिससे वर्तमान में अलग-अलग चुनाव कराने से जुड़ी बार-बार होने वाली रुकावटों और अत्यधिक खर्च को कम किया जा सकेगा।












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