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One Nation,One Election: लोकसभा में बिल पेश हो गया, अब आगे क्या होगा, विधेयक में है क्या? पढ़िए

One Nation,One Election: एकसाथ चुनाव (One Nation,One Election) करवाने के लिए लोकसभा में दो विधेयक पेश किए गए हैं। अब इन विधेयकों को विस्तृत चर्चा के लिए संसद की संयुक्त समिति (JPC) में भेजे जाने का प्रस्ताव है। इन विधेयकों को सदन में पेश किए जाने के लिए मंगलवार को नई संसद में पहली बार इलेक्ट्रोनिक वोटिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।

लोकसभा के 269 सदस्यों ने विधेयक के समर्थन में और 198 ने विरोध में वोट देकर इसे स्वीकार किया है। जब सदन ने एक देश,एक चुनाव के लिए बिल को पेश करने के पक्ष में मतदान कर दिया, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने औपचारिक तौर पर संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2024 सदन में पेश किया।

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संयुक्त संसदीय समिति में होगी बिल पर चर्चा
इस दौरान लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा,'जब एक देश एक चुनाव बिल कैबिनेट में मंजूरी के लिए लाया गया,तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इसे गहन चर्चा के लिए जेपीसी में भेजा जाना चाहिए। अगर कानून मंत्री चाहते हैं कि विधेयक जेपीसी में भेजा जाए तो इसे पेश किए जाने पर चर्चा खत्म हो सकती है।'

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कानून मंत्री ने केंद्र शासित क्षेत्र शासन अधिनियम,1963,राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम,1991 और जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम,2019 में संसोधन विधेयक भी पेश किए। इन संशोधनों का मकसद दिल्ली,जम्मू और कश्मीर और पुडुचेरी विधानसभा के चुनाव भी साथ करवाने के प्रस्ताव शामिल हैं।

कोविंद समिति की सिफारिशों के आधार पर बिल
कुल मिलाकर सरकार के प्रस्ताव में संविधान में एक नया अनुच्छेद (Article 82A) शामिल करना और अन्य तीन अनुच्छेदों में संशोधन करना शामिल है,ताकि लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी करवाए जा सकें। इन संशोधन प्रस्तावों की सिफारिश पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली उच्च स्तरीय समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इसी साल मार्च में की थी।

आर्टिकल 82ए क्या है?
आर्टिकल 82ए को आर्टिकल 82 के आगे जोड़ने का प्रस्ताव है, जो प्रत्येक जनगणना के बाद राज्यों के बीच लोकसभा सीटों को समायोजित करने से संबंधित है। विधेयक के मसौदे के मुताबिक आर्टिकल 82ए में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ करवाने का प्रावधान है।

इस विधेयक के प्रावधानों के अनुसार एक साथ चुनावों करवाने के लिए कुछ विधानसभाओं के कार्यकाल समय से पहले खत्म हो सकते हैं। आर्टिकल 82ए (3) कहता है कि चुनाव आयोग 'लोकसभा और सभी विधान सभाओं के लिए आम चुनाव एक साथ आयोजित करेगा।'

हालांकि, आर्टिकल 82ए (5) चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव के साथ किसी विशेष विधानसभा चुनाव न कराने का विकल्प भी देता है। वहीं, आर्टिकल 82ए (6) कहता है कि अगर विधानसभा चुनाव स्थगित किया जाता है,तो उस विधानसभा का पूर्ण कार्यकाल भी लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के साथ समाप्त हो जाएगा।

आर्टिकल 83,आर्टिकल 172 और आर्टिकल 327 में संशोधन का प्रस्ताव
आर्टिकल 83 लोकसभा के कार्यकाल से संबंधित है। इसमें पांच नए खंड जोड़ने का प्रस्ताव है। आर्टिकल 172 राज्य विधानसभा के कार्यकाल से संबंधित है। इसमें चार नए खंड जोड़े जाने का प्रस्ताव है। आर्टिकल 327 को लेकर विधेयक में राज्य विधानसभाओं के चुनावों के संबंध में प्रावधान करने की संसद की शक्ति से संबंधित अनुच्छेद को बदलने का प्रस्ताव है।

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इसी तरह के संशोधन का प्रस्ताव केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कानूनों को लेकर भी है। इससे संबंधित केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यकालों को लेकर प्रावधानों बदलाव प्रस्तावित किया गया है।

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