आजम खान को बड़ा झटका, जौहर यूनिवर्सिटी के मामले में कोर्ट ने सुनाया ये फैसला
इस मामले में तहसीलदार की तरफ से दायर किए गए वाद पर शुक्रवार को रामपुर की एसडीएम सदर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
नई दिल्ली। मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर पहले से ही विवादों में घिरे समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। रामपुर की एसडीएम सदर कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी के ट्रस्ट से 7.135 हेक्टेयर जमीन का पट्टा निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने इस पट्टे को निरस्त करते हुए आदेश दिया है कि इस जमीन को उसके मूल रूप में ही दर्ज किया जाए। साल 2013 में जमीन का यह पट्टा 30 सालों की लीज पर केवल 60 रुपए के किराए पर आवंटित किया गया था। इस मामले में तहसीलदार की तरफ से दायर किए गए वाद पर शुक्रवार को रामपुर की एसडीएम सदर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

महज 60 रुपए किराए पर था पट्टा
दरअसल 24 जून 2013 को रामपुर के सींगनखेड़ा गांव में नदी के रेत के रूप में दर्ज जमीन को गर्वनमेंट ग्रांट एक्ट के तहत जमीन का उपयोग बदलते हुए इसे मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम आवंटित कर दिया गया। इस पट्टे को 30 साल की लीज पर महज 60 रुपए के किराए पर दिया गया था। इस मामले को लेकर एसडीएम कोर्ट में सदर तहसीलदार ने 6 जुलाई 2019 को प्रार्थना पत्र दिया था, जिसपर सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी प्रेम शंकर तिवारी ने यह फैसला सुनाया।

3.27 करोड़ का लग चुका है जुर्माना
आपको बता दें कि दो दिन पहले ही जिले की एसडीएम कोर्ट ने ही जमीन कब्जाने के एक मामले में उनके ऊपर 3 करोड़, 27 लाख, 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। दरअसल, एसडीएम कोर्ट ने पीडब्लूडी की जमीन पर बने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के गेट को 15 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया। कोर्ट का कहना है कि अगर 15 दिनों में गेट नहीं हटाया गया तो इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी के चेयरमैन सांसद आजम खान पर 3,27,60,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

प्रशासन कर चुका है भूमाफिया घोषित
रामपुर जिला प्रशासन ने पहले ही आजम खान को भू-माफिया घोषित किया हुआ है। आजम खान और उनके एक सहयोगी पर 26 किसानों की 5 हजार हेक्टेयर जमीन हड़पकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। ताजा मामले में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के बीच से गुजरने वाली सड़क को लेकर आजम खान पर कोर्ट ने जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। लोक निर्माण विभाग की बनाई हुई सड़क पर जौहर यूनिवर्सिटी का गेट खड़ा करने को लेकर काफी समय से विवाद था।

सड़क को कब्जा मुक्त किए जाने आ आदेश
यह सड़क समाजवादी पार्टी की सरकार में लोकनिर्माण विभाग ने बनाई थी। सरकार बदलने के बाद अब लोकनिर्माण विभाग ने इस सड़क पर अपने मालिकाना हक का दावा करते हुए सार्वजनिक परिसर अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर आजम खान के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। लोकनिर्माण ने इस सड़क को कब्जा मुक्त किए जाने की मांग की थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से इस केस को किसी दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया।












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