PFI के खिलाफ सरकार का एक और एक्शन, वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट्स को किया जाएगा ब्लॉक
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर सरकार का शिकंजा जारी है। लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी के बीच केंद्र सरकार ने PFI और उसके आठ सहयोगियों की वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
नई दिल्ली, 28 सितंबर: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर सरकार का शिकंजा जारी है। लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी के बीच केंद्र सरकार ने PFI और उसके आठ सहयोगियों की वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। जिससे गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मंगलवार की देर रात लोगों को उनकी गतिविधियों का प्रचार करने से रोका जा सके।

पीएफआई के ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब चैनल सभी को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है। साथ ही रिहैब इंडिया फाउंडेशन (आरआईएफ), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (सीएफआई), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (एआईआईसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (एनसीएचआरओ) को भी ब्लॉक किया जाएगा। राष्ट्रीय महिला मोर्चा, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और पुनर्वास फाउंडेशन (केरल) को स्थायी रूप से अवरुद्ध किया जा रहा था। उनके द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट को भी हटाया जा रहा था।
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, दूरसंचार विभाग के आदेश पर अन्य लोगों को ब्लॉक करने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारी ने कहा कि फेसबुक और ट्विटर सहित सोशल मीडिया कंपनियों को पीएफआई से संबंधित अकाउंट या किसी भी सामग्री को हटाने के लिए निर्देश भेजे जा रहे हैं, जो अब एक आतंकी संगठन है।
पीएफआई को एक "गैरकानूनी संघ" घोषित किया गया है और उसे कोई प्रेस बयान जारी करने से भी रोक दिया गया है। एक दूसरे अधिकारी ने कहा कि पीएफआई, सीएफआई, आरआईएफ और अन्य सहयोगियों से जुड़े व्हाट्सएप अकाउंट्स की निगरानी की जाएगी। राष्ट्र विरोधी गतिविधि पर मुकदमा चलाया जाएगा। दूसरे अधिकारी ने कहा कि अगर पीएफआई या उसका कोई सहयोगी अपनी गतिविधियों के लिए कोई प्रॉक्सी सोशल मीडिया अकाउंट या वेबसाइट खोलता है तो उसे भी ब्लॉक किया जा सकता है।
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