बोले गांव के लोग- 'अगर पीएम की मानेंगे बात, तो चली जाएगी नौकरी'

बीते दिनों एक रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पीएम मोदी ने जन धन विमुद्रीकरण के बाद खातों में जमा कराए गए पैसों पर टिप्पणी की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि वो इसका इंतजाम करेंगे।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन रैली को संबोधित करने के लिए 3 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश स्थित मुरादाबाद में थे।

इस दौरान पीएम मोदी ने 8 नवंबर को विमुद्रीकरण के बाद जनधन खातों में आई पैसों की बाढ़ पर ऐसी बात कही जो सबको आश्चर्यचकित कर गई।

पीएम मोदी ने कहा था कि 'जब अमीर पैसे दे तो गरीब उनसे पैसों का सबूत मांगे। कोई आपके जनधन खाते में जमा करे, तो पैसों को मत निकालिए, सरकार इसका भी इंतजाम करेगी।'

पीएम ने कहा था कि मैं कोशिश कर रहा हूं जिन्होंने गरीब के जन धन बैंक खाते में गैर कानूनी तौर से रुपया जमा कराया है वो लोग जेल जाएं और वो रुपया गरीब के खाते में ही रह जाए।

लेकिन पीएम मोदी की यह सलाह गांव के लोगों को रास नहीं आई।

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हकीकत से मेल नहीं खाती पीएम की बात

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार प्रदेश के ही बरेली जिले के कई गावों में लोगों ने उन्हें बताया कि पीएम मोदी की राय 'जमीनी हकीकत' से मेल नहीं खाती।

अखबार के अनुसार एक ट्रक ड्राइवर महेश कुमार (छद्म नाम) ने कहा कि हो सकता है कि पीएम का कहना सही हो, लेकिन सच यह है कि एक जनधन खाता धारक का खाता जो कोई और इस्तेमाल कर रहा हो, वो खाते में आने वाले पैसे अपने पास रख तो सकता है लेकिन उसे हरगिज लौटाना नहीं चाहेगा।

ट्रक ड्राइवर ने आगे कहा कि विमुद्रीकरण के बाद एक एजेंट ने उनसे अपने जनधन खाते में अवैध पैसे जमा करने के लिए कहा।

महेश ने कहा कि उस एजेंट ने उनके परिवार के पांच सदस्यों का पासबुक ले लिया गया। कहा कि ऐसी हालत में अगर वो चाहें तो भी वो नहीं कर सकते जो पीएम मोदी ने करने के लिए कहा।

महेश ने यह भी बताया कि उस एजेंट सभी 5 सदस्यों के विद्ड्रा स्लिप, साइन करा कर ले लिए थे।

खतरे में होगी नौकरी

अखबार के मुताबिक बरेली के ही एक अन्य ड्राइवर ने जानकारी दी कि अगर वो ऐसा न करें तो, इस क्षेत्र में उन्हें कोई नौकरी भी नहीं देगा। ड्राइवर ने बताया कि वो जहां काम करते हैं, उस ट्रांसपोर्टर ने उनके जनधन खाते में 50 से 90 हजार रुपए जमा कराए थे।

लेकिन उनके खिलाफ जाने की हमारी हैसियत नहीं है क्योंकि उन्हें अपनी नौकरी बचानी है, जो इन पैसों से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

प्रदेश में ही स्थित जिला बहराइच में एक मजदूर ने बताया कि उनसे एक एजेंट ने वादा किया है कि उन्हें अपने जनधन खाते में ढाई लाख रुपए जमा कराने पर कुल धन का 10 फीसदी मिलेगा।

मजदूर ने कहा...

अखबार के अनुसार मजदूर ने कहा कि जिन लोगों ने हमारे खातों में पैसे ट्रांसफर किए हैं, उनसे हम इमानदारी और डर के कारण बंधे हैं।

वहीं इस मसले पर जिलाधीश, बहराइच ने कहा कि हमें विमुद्रीकरण के पहले हफ्ते में ऐसे कई मामलों की शिकायत मिली जब लोगों ने जनधन खातों में पैसे जमा करने शुरू कर दिए। हमें जल्द ही यह एहसास हुआ कि लोगों ने उनके लिए सालों से काम करे रहे लोगों के खाते में पैसे जमा कराए हैं।

गौरतलब है कि 8 नवंबर को विमुद्रीकरण के फैसले के बाद 1 और 2 रुपए वाले जनधन खातों में अचानक से लाखों रुपए जमा होने लगे।

बता दें कि लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बीते माह 25 नवंबर को सरकार ने जानकारी दी थी कि 16 नवंबर तक, पूरे देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले गए 25.58 करोड़ बैंक खातों में 64,252.15 करोड़ रुपए जमा कराए गए।

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