ओडिशा: क्या बीजेडी 'अमा ओडिशा नबीन ओडिशा' समन्वयकों को टिकट देगी?
2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, इसके अलावा 2024 में ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं। 2024 के चुनावों के ठीक पहले बीजू जनता दल (बीजेडी) ने कथित तौर पर 2024 के चुनावों से ठीक पहले कई विधायकों और सांसदों को दरकिनार करते हुए कुछ नए नेताओं को अपनी महत्वाकांक्षी अभियान अमा ओडिशा नबीन ओडिशा के लिए जिला समन्वयक बना कर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है।

ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या उन नेताओं को बढ़ावा देने के लिए सत्तारूढ़ बीजद की ये कोई रणनीति हो सकती है, क्योंकि लोगों का मानना है कि वे टिकटों की पैरवी कर रही हैं।
ऐसा भी माना जा रहा है कि समन्यवक के रूप में नियुक्तियों के साथ इन नेताओं को सरकार कार्यक्रमों और उद्घाटनों में खुद को उजागर करने की शक्ति और गुंजाइश का आनंद। चुनाव से कई महीने पहले उन्हें लोगों के करीब आने और उनके साथ तालमेल बनाने का लाभ मिला।
वहीं दूसरी ओर लंबे समय से बीजद की सेवा कर रहे विधायकों और सांसदों का खुद को उपेक्षित महसूस करना भी स्वाभाविक है। ये भी सवाल उठ रहा हे क्या सत्तारूढ़ बीजद का ऐसा कदम पार्टी के अंदर दरार पैदा ?
इसके अलावा ये भी सवाल उठ रहा कि क्या इन समन्वयकों को वोटरों के साथ अपने संबंध मजबूत करने में सक्षम बनाएगा और क्या टिकट दिये जाने पर लोग उन्हें स्वीकार करेंगे? इसके अलावा क्या चुनाव से पहले सत्ताधारी पार्टी की रणनीति उलटफेर वाली होगी? कुछ ऐसे ही सवाल राजनीतिक पर्यवेक्षकों के जेहन में घूम रहे हैं।
हालांकि बीजद नेता उमाकांत समात्रे ने कहा कि समन्वयक अमा ओडिशा नबीन ओडिशा के तहत कार्यक्रमों का सुचारू संचालन सुनिश्चित कर रहे हैं, जिसे चुनाव से पहले पूरा किया जाना है। पार्टी टिकट किसे देगी यह हमारे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निर्भर करेगा












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