किसी राज्य ने नहीं दी ऑक्सीजन की कमी से संदिग्ध मौत की सूचना
नई दिल्ली, 10 अगस्त। कोरोना वायरस की दूसरी भयानक लहर ने देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी थी। अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन, बेड और दवाइयों की कमी के चलते कोरोना वायरस के कई मरीजों ने दम तोड़ दिया। संसद के मानसून सत्र में सरकार ने ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों को लेकर राज्य सरकारों से आंकड़ा मांगा था, जिस पर केंद्र ने कहा था कि ऐसा कोई रिकॉर्ड उनके पास नहीं है। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट आई थीं, जिनमें कहा गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने एक राज्य में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण 'संदिग्ध' मौत की सूचना मिली है। हालांकि सरकार ने इसे गलत बताया है।

क्या आई थी मीडिया में रिपोर्ट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के हवाले से मंगलवार को कहा गया था कि उन्होंने संवाददाताओं से बात करते कहा कहा कि अब तक की रिपोर्टों के अनुसार एक राज्य ने हमें एक संदिग्ध मौत के बारे में सूचित किया। अब तक हमें रिपोर्ट भेजने वाले सभी राज्यों ने यह नहीं बताया है कि उन्होंने विशेष रूप से ऑक्सीजन के कारण मौत की सूचना दी है।
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केंद्र ने कहा है कि जब संसद में सवाल उठाया गया था, तो राज्यों से विशेष रूप से यह सवाल पूछा गया था। भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इस साल की शुरुआत में दूसरी कोविड लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों पर डेटा उपलब्ध कराने के लिए कहा था। राज्यों को यह डेटा 13 अगस्त को मानसून सत्र खत्म होने से पहले उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था।












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